बिहार के नवादा जिले के रजौली स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय छात्रावास में डीएम रवि प्रकाश के निरीक्षण का एक दृश्य खास रहा. डीएम छात्रों के बीच बैठकर उनके साथ भोजन करने लगे. खाना खाते हुए बच्चों से पूछा कि भोजन कैसा मिलता है, पढ़ाई कैसी चल रही है और हॉस्टल में किसी तरह की परेशानी तो नहीं है. प्रशासनिक निरीक्षण का ये तरीका बच्चों को काफी अच्छा और सहज लगा. डीएम रवि प्रकाश ने हॉस्टल के कमरों, रसोईघर, भोजन व्यवस्था, पेयजल, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई का जायजा लिया. छात्रों से सीधे बातचीत कर उनकी सुविधाओं का फीडबैक लिया और संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए.
नक्सल प्रभावित इलाकों तक पहुंचा प्रशासन
रवि प्रकाश की प्रशासनिक कार्यशैली का एक पहलू चुनाव के दौरान भी सामने आया था. 2025 के विधानसभा चुनाव में वे नवादा के जिला निर्वाचन पदाधिकारी थे. जिले के झारखंड सीमा से लगे और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे इलाकों में सुरक्षित और भयमुक्त मतदान के लिए प्रशासन की काफी तारीफ हुई थी. दनिया गांव इसका एक उदाहरण रहा है. 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान केंद्र गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर ट्रांसफर किए जाने के बाद ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया था और केवल 28 वोट पड़े थे. 2025 में जिला प्रशासन ने उसी गांव में मतदान कराने की तैयारी की और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर झारखंड के कोडरमा और गिरिडीह प्रशासन के साथ समन्वय किया.
जिले में पूर्व नक्सल प्रभावित बूथों को भी संवेदनशील मानकर सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी की तैयारी की गई थी. लिहाजा, प्रशासन मतदाताओं को सुरक्षित और भयमुक्त माहौल में मतदान का अवसर प्रदान किया था.
नवादा में केंद्रीय विद्यालय शुरू कराने में अहम रोल
शिक्षा के मोर्चे पर डीएम रवि प्रकाश के कार्यकाल में नवादा में लंबे समय से प्रतीक्षित केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत हुई. हालांकि इसके लिए केंद्र सरकार, केंद्रीय विद्यालय संगठन, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन सहित कई स्तरों पर प्रयास हुए हैं, इसलिए इसका पूरा श्रेय किसी एक व्यक्ति को देना उचित नहीं होगा.
केंद्रीय विद्यालय संगठन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से नवादा में विद्यालय शुरू करने की स्वीकृति दी. शुरुआत के लिए कन्हाई इंटर विद्यालय परिसर को अस्थायी भवन के रूप में तैयार किया गया. जिला प्रशासन की ओर से डीएम रवि प्रकाश की भूमिका अहम माना गया, जिनके प्रयास से केंद्रीय विद्यालय के लिए बहुत कम समय में जमीन हस्तांतरण किया गया. लिहाजा, कन्हाई इंटर विद्यालय परिसर में फिलहाल पहली से पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई शुरू की गई है.
अब हॉस्टल छात्रों के बीच पहुंचे डीएम
रजौली के अंबेडकर आवासीय छात्रावास में निरीक्षण इसी प्रशासनिक भूमिका की एक और तस्वीर सामने आई है. डीएम ने छात्रों से सीधे बात करने के बाद शैक्षणिक व्यवस्था पर भी ध्यान दिया. उन्होंने छात्रों को अंग्रेजी पढ़ने, लिखने और बोलने का नियमित अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया. प्राचार्य को लाइब्रेरी में हिंदी-अंग्रेजी के समाचार-पत्रों के साथ करंट अफेयर्स की पत्र-पत्रिकाएं और मैगजीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. डीएम ने विद्यार्थियों को डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया.
निरीक्षण के दौरान डीएम ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर भोजन किया. उन्होंने बच्चों से भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता के बारे में जानकारी ली. छात्रावास प्रबंधन को निर्धारित मीनू और समय के अनुसार स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही पेयजल, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर जोर दिया.
कौन हैं डीएम रवि प्रकाश?
रवि प्रकाश 2016 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी हैं. उन्होंने B.Tech (Electrical) की पढ़ाई की है. रवि प्रकाश नवंबर 2024 से नवादा के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. नवादा से पहले रवि प्रकाश कटिहार के डीएम रह चुके हैं. इसके अलावा वे प्राथमिक शिक्षा निदेशक और बांका के डीडीसी-सह-सीईओ जैसे पदों पर भी काम कर चुके हैं. प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ शिक्षा और सरकारी संस्थानों की व्यवस्थाओं को लेकर उनके निरीक्षण भी लगातार चर्चा में रहते हैं.
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