
वित्त मंत्रालय ने सरकारी कर्मियों की पेंशन प्रणाली की समीक्षा करने के लिए गुरुवार को वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की अगुआई में एक समिति गठित की है. समिति सुझाव देगी कि क्या सरकारी कर्मचारियों पर लागू राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के मौजूदा ढांचे में कोई बदलाव जरूरी है या नहीं.
समिति राजकोषीय निहितार्थों और समग्र बजटीय प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, एनपीएस के तहत शामिल सरकारी कर्मचारियों के पेंशन लाभों में सुधार की दृष्टि से इसे संशोधित करने पर सुझाव देगी.
सोमनाथन की अगुआई में समिति में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सचिव, व्यय विभाग के विशेष सचिव और पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन बतौर सदस्य होंगे.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने कहा था कि वित्त सचिव की अगुआई वाली समिति सरकारी कर्मचारियों के लिए एनपीएस के अंतर्गत पेंशन संबंधी मुद्दों को देखेगी.
यह घोषणा कई गैर-भाजपाई राज्यों द्वारा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने और कुछ अन्य राज्यों में कर्मचारी संगठनों द्वारा इसकी मांग करने की पृष्ठभूमि में हुई है.
राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकारों ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के अपने निर्णय के बारे में केंद्र को सूचित करते हुए एनपीएस के तहत संचित कोष को वापस करने का अनुरोध किया है.
वित्त मंत्रालय ने पिछले साल संसद को बताया था कि वह एक जनवरी, 2004 के बाद भर्ती हुए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संबंध में ओपीएस बहाल करने के किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है.
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