- ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के मुरीद एयरबेस को ध्वस्त कर दिया था
- पाकिस्तान लाख कोशिश करने के बाद भी इसकी मुख्य इमारत को नहीं बना पाया
- नई सैटेलाइट इमेज से साफ पता चलता है कि इमारत के निर्माण का काम सफल नहीं हो पाया है
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के एयरफोर्स बेस मुरीद को तबाह कर दिया था. अब हाल के सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि चकवाल स्थित इस बेस के मरम्मत और उसे फिर से चालू करने के पाकिस्तानी सेना के प्रयास असफल हो गए हैं.
सैटेलाइट इमेज में हुआ है खुलासा
एनडीटीवी को वैंटोर की 28 फरवरी की एक तस्वीर मिली है. इससे साफ पता चल रहा है कि मुरीद एयर बेस पर मरम्मत का काम सफल नहीं रहा है. इमारत का मुख्य हिस्सा, जिस पर हमला हुआ था और जिसे बाद में तिरपाल से ढक दिया गया था, अब अनियमित गुलाबी-लाल मलबे और खुली जमीन के रूप में दिखाई दे रहा है. इससे पता चलता है कि पाकिस्तान यहां कोई निर्माण का काम नहीं कर पाया है. यही नहीं, तस्वीरों से पता चलता है कि यहां जो भी निर्माण था उसे ढहा दिया गया है या ढह गया है. भारत के मई 2025 हमले का असर अभी पाकिस्तान के इस मुरीद एयरबेस पर साफि दिखाई दे रहा है.
एक्सपर्ट ने बताया, कितना नुकसान
सैटेलाइट तस्वीर विशेषज्ञ डेमियन साइमोन ने बताया कि हाल की ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से ये पता चलता है कि यहां बने रहे ढांचे को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि भारतीय हमले का असर केवल मुरीद बेस के छत वाले हिस्से से ज्यादा था. उन्होंने बताया कि ऐसा लगता है कि भारत के हमले के दौरान इमारत की आंतरिक संरचना को भी काफी नुकसान पहुंचा है. साइमोन ने बताया कि भारत के हमले ने इमारत के अंदर ( करीब 35x30 मीटर) गड्ढा कर दिया जिससे यहां निर्माण कर पाना मुश्किल हो गया.

भारतीय वायुसेना ने किया था तबाह
भारतीय वायुसेना ने 10 मई 2025 को तड़के सुबह 2 से 5 बजे के बीच पाकिस्तान के 10 ठिकानों पर हमला किया था. इसमें से एक मुरीद एयरबेस भी था. इस हमले के कुछ देर बाद ही पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर का आग्रह किया था. माना जाता है कि मुरीद एयरबेस को यूएवी कमांड एंड कंट्रोल केंद्र के रूप इस्तेमाल किया जाता था. भारतीय वायुसेना ने इसी बेस पर एक अंडरग्राउंड ढांचे को निशाना बनाया था. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में इससे पहले इस भूमिगत स्ट्रक्चर के दो प्रवेश द्वारों में से एक से महज 30 मीटर की दूरी पर 3 मीटर चौड़ा एक गड्ढे के निशान मिले थे.
इमारत की छत को ढका गया था
साइमोन ने कहा कि सैटेलाइट तस्वीरें जो मई 2025 एयरस्ट्राइक की है, उससे पता चलता है कि इस इमारत की छत ढक दी गई थी. यहां कितना नुकसान हुआ है इसका पता लगाया जा रहा था. दिसंबर 2025 के एक सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि पूरे इलाके को तिरपाल से ढक दिया गया था और यहां निर्माण कार्य चल रहा था.
मुरीद एयरबेस को पहुंचा था नुकसान
भारत के हमले के तुरंत बाद 10 मई 2025 को लिए गए सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि केंद्रीय इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है. इस हमले में बिल्डिंग को काफी नुकसान पहुंचा था. तस्वीरों से साफ पता चल रहा था कि अंदर इमारत पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी. यहां हमला करने के लिए भारतीय वायुसेना ने जमीन के नीचे तक मार करने वाले बमों का इस्तेमाल किया होगा. ये ऐसे हथियार होंगे जो मजबूत कंक्रीट को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दे.

हालांकि, भारतीय वायुसेना ने इस हमले में कौन सा हथियार का इस्तेमाल किया गया इसकी जानकारी नहीं दी. लेकिन माना जाता है कि यहां हवा से सतह में मार करने वाले स्कैल्प मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है. माना जाता है कि भारतीय सीमा के अंदर से ही राफेल फाइटर जेट से इन निशानों पर लक्ष्य साधा गया होगा.
स्कैल्प मिसाइल का इस्तेमाल!
SCALP मिसाइल मजबूत लक्ष्य को भेदने के लिए काफी सटीक हथियार माना जाता है. ये कई चरणों में लक्ष्य को भेदता है. ये अपने पहले चरण में मजबूत कंक्रीट की दीवार को भेदकर अंदर जाता है. इसके बाद उसमें विस्फोट होता है. इसके बाद ये मिसाइल काफी अंदर तक जाकर फटता है. इसके विस्फोट से होने वाले दबाव और छर्रों के कारण काफी नुकसान होता है.
2 जून 2025, भारतीय हमले के तीन हफ्ते बाद एक हरे रंग का तिरपाल से ध्वस्त बिल्डिंग को ढका गया था. इससे साफ पता चल रहा था कि यहां की सफाई की जा रही थी. उस वक्त बड़ा निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ था. दिसंबर में ली गई सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि मुख्य इमारत की मरम्मत का काम शुरू हो गया था. हालांकि, उस दौरान नई छत या स्ट्रक्चर साफ नहीं दिख रहा था. अब नई सैटेलाइट इमेज से साफ पता चलता है कि पाकिस्तान की मुरीद एयरबेस में निर्माण कार्य की सारी मेहनत असफल हो गई है.
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