- असम में हुए सुखोई-30 विमान क्रैश में फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की मौत हुई, जो नागपुर के रहने वाले थे.
- पुरवेश ने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें पाकिस्तान में आतंकी ठिकाने तबाह किए गए थे.
- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पुरवेश के पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए परिवार से संपर्क टूट गया था.
Assam Sukhoi Crash: असम में हुए सुखोई-30 प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले एयरफोर्स पाटलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर ने ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई थी. पुरवेश के पिता और रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी रवींद्र दुरागकर ने शुक्रवार को न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए बेटे की बहादूरी की कहानी बताई. रवींद्र ने कहा कि परिवार को शुरू में यह नहीं पता था कि पुरवेश ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा है. इस ऑपरेशन के दौरान पुरवेश के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था, ऐसे में उससे संपर्क नहीं हो पा रही थी.
पुरवेश के पिता रवींद्र ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर को रोके जाने के 15 दिन बाद हमें पता चला कि वह इस ऑपरेशन का हिस्सा था. उस दौरान उसका मोबाइल फोन उसके पास नहीं था. ऐसे में हमारा उससे कोई संपर्क नहीं था."

ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने 100 किमी अंदर तक तबाह किए थे आतंकी ठिकाने
मालूम हो कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान में 100 किमी अंदर तक जाकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किए थे. इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकी मारे गए थे.
पिता बोले- क्रैश से एक दिन पहले बेटे से हुई थी बात
पुरवेश के पिता रवींद्र ने बताया कि असम में हुए हादसे से एक दिन पहले बेटे से बात हुई थी. मालूम हो कि असम के कार्बी आंगलोंग क्षेत्र में ट्रेनिंग मिशन पर निकला एयरफोर्स का Su-30MKI (सुखोई) विमान क्रैश हो गया था. इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की मौत हुई थी.
VIDEO | Sukhoi-30 MKI fighter jet crash: Flight Lieutenant Purvesh Duragkar's father Ravindra Duragkar says, "15 days after Operation Sindoor was paused, did we get to know that he was part of the operation. He did not have his mobile phone with him during that time. We were not… https://t.co/PJSUF33yz1 pic.twitter.com/WY3IT3Yr8f
— Press Trust of India (@PTI_News) March 6, 2026
जोरहाट से 60 किमी दूर हुआ था क्रैश
इस हादसे के बारे में भारतीय वायुसेना ने कन्फर्म किया है कि असम के जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. शहीद एयरफोर्स पायलट पुरवेश दुरगकर महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले थे. उनके निधन के बाद नागपुर स्थित घर पर मातम छाया हुआ है. पुरवेश के पिता रविंद्र ने कहा कि पुरवेश के ग्रुप कैप्टन ने सुबह उनसे संपर्क किया था और उनके निधन के बारे में बताया था.
बेटे की शहादत पर गर्वः पुरवेश के पिता बोले
सुखोई क्रैश में पुरवेश के अलावा जान गंवाने वाले दूसरे पायलट स्क्वाड्रन लीडर अनुज गुरुग्राम के रहने वाले हैं. बेटे फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर की शहादत पर पिता रविंद्र ने कहा 2 दिन पहले आखिरी बार बात हुई थी. उन्हें अपने बेटे पर गर्व है. वह देश के लिए समर्पित था. दुरागकर ने आगे कहा कि पुरवेश असम के तेजपुर में पोस्टेड था और अभी वह जोहराट में था क्योंकि तेजपुर में रनवे का कुछ काम चल रहा था.

मात्र 4 साल की नौकरी के बाद क्रैश में गई जान
पुरवेश के पिता ने कहा कि बेटे ने अपने सपने को पूरा किया. लेकिन वह देश की जितनी सेवा करना चाहता था वह नहीं कर सका. मात्र 4 साल की नौकरी के बाद पुरवेश की सुखोई क्रैश में जान चली गई. बताया गया कि पुरवेश ने 10 दिन पहले घर पर परिजनों से मुलाकात की थी. पुरवेश की अभी शादी नहीं हुई थी. पुरवेश की एक बहन अमेरिका में सेटल हैं.
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