- पहलगाम आतंकी हमले के गहरे जख्म धीरे-धीरे भर रहे हैं, लेकिन दर्द पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
- गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे पर्यटन स्थल सर्दियों में एडवेंचर टूरिज्म के कारण फिर से गुलजार हो गए हैं.
- गुलमर्ग में स्कीइंग गतिविधियां फिर शुरू हो गई हैं, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन उद्योग में सुधार हुआ है.
पहलगाम आतंकी हमले से कश्मीर के लोगों को मिले गहरे जख्म अब धीरे-धीरे भरने लगे हैं. दर्द पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और उसके लिए वक्त चाहिए. लेकिन हालिया बर्फबारी ने घाटी की उदासी पर उम्मीद की सफेद चादर बिछा दी है. नए साल की शुरुआत के साथ ही गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल एक बार फिर सर्दियों और एडवेंचर टूरिज्म के चलते गुलजार हो उठे हैं.
गुलमर्ग में कई हफ्तों तक खराब मौसम के बाद अब स्कीइंग गतिविधियां दोबारा शुरू हो चुकी हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों से रोमांच पसंद करने वाले पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं. बर्फ से ढकी ढलानों पर नए और अनुभवी स्कीयर नजर आ रहे हैं, जिससे स्की प्रशिक्षकों, गाइडों और खेल उपकरण किराए पर देने वालों की रोजी-रोटी फिर चल पड़ी है.
फिर पर्यटकों का भरोसा और मजबूत हुआ
पर्यटकों का कहना है कि गुलमर्ग में उनका अनुभव सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहा. गुलमर्ग गंडोला पर खासतौर पर सुबह के समय भारी भीड़ देखी जा रही है, लेकिन लंबी कतारों के बावजूद बेहतर भीड़ प्रबंधन और कड़े सुरक्षा इंतजामों की सराहना हो रही है. केबल कार संचालन से जुड़े अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहते हैं, जिससे पर्यटकों का भरोसा और मजबूत हुआ है.

वीकेंड और छुट्टियों के लिए बुकिंग में तेजी
पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को आने वाले सीजन से बड़ी उम्मीदें हैं. होटल मालिकों के मुताबिक वीकेंड और छुट्टियों के लिए बुकिंग तेजी से बढ़ रही है और कई होटल लगभग फुल हो चुके हैं. टूर ऑपरेटरों का कहना है कि सोशल मीडिया पर बर्फबारी की तस्वीरें वायरल होने से पर्यटकों की पूछताछ बढ़ी है. स्लेज चलाने वालों के चेहरे भी खिले हैं, क्योंकि लंबे समय बाद उनकी कमाई फिर शुरू हुई है, हालांकि हालात अभी 22 अप्रैल 2025 के आतंकी हमले से पहले जैसे पूरी तरह नहीं हो पाए हैं.
उधर, सोनमर्ग में नए साल 2026 के मौके पर रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे. टूरिज्म विभाग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने खासा आकर्षण पैदा किया. बर्फ से ढके खूबसूरत माहौल में हुई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेने के लिए हजारों स्थानीय लोग और देश के अन्य हिस्सों से आए सैलानी जुटे, जिससे सर्दियों के पर्यटन को नई ऊर्जा मिली.
पहले भारी बर्फबारी के कारण सोनमर्ग करीब छह महीने तक बंद रहता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल जनवरी में सोनमर्ग टनल के उद्घाटन के बाद अब यह इलाका पूरे साल खुला रहता है. बेहतर सड़क संपर्क ने सर्दियों में भी पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार दी है.
लोगों से सर्दियों में घाटी आने की अपील
अधिकारियों का कहना है कि साल की शुरुआत में गुलमर्ग और सोनमर्ग में पर्यटकों की भारी आमद कश्मीर के टूरिज्म सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत है. आने वाले महीनों में सर्दियों और एडवेंचर टूरिज्म के और मजबूत होने की उम्मीद है. यहां आए पर्यटकों ने कश्मीर को शांत, सुरक्षित और घूमने लायक बताते हुए दूसरों से भी सर्दियों में घाटी देखने की अपील की है.
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