Odisha Murder Case: ओडिशा के बालेश्वर जिले में जमीन विवाद ने दिल दहला देने वाला रूप ले लिया. खैरा थाना क्षेत्र के हरिपुर गांव में एक महिला की हथौड़े और धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई. घटना के बाद इंसाफ न मिलने से नाराज़ परिजन शव को साइकिल पर लादकर करीब 15 किलोमीटर दूर थाने पहुंच गए. तीन दिन बीत जाने के बाद भी शव के साथ धरना जारी है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है.
जमीन विवाद ने लिया खूनी मोड़
यह मामला हरिपुर गांव का है, जहां एक ही परिवार के लोगों के बीच पिछले पांच साल से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. आरोप है कि 10 मई को यह विवाद अचानक हिंसा में बदल गया. भरत जेना, उनके बेटे मानस जेना और पत्नी भारती जेना ने मिलकर अपने ही परिवार की महिलाओं पर हथौड़े और धारदार हथियार से हमला कर दिया.
हमले में देवरानी की मौत, जेठानी गंभीर
हमले में देवरानी कमला सेठी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला शकुंतला गंभीर रूप से घायल हो गईं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. इस घटना से गांव में दहशत और गुस्से का माहौल है.
साइकिल पर शव रखकर थाने पहुंचे परिजन
कमला सेठी का शव रातभर घर में रखा गया. अगले दिन सुबह परिजन और ग्रामीणों ने शव को साइकिल पर रखकर खैरा थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया. परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती, तो आज जान नहीं जाती.
5 साल में पुलिस ने नहीं सुनी गुहार
परिजनों का आरोप है कि वे पिछले पांच साल से जमीन विवाद को लेकर थाने और प्रशासन के चक्कर लगा रहे थे. कई बार नोटिस भी दिए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उनका कहना है कि यही लापरवाही इस हत्या की वजह बनी. पुलिस ने शव को ले जाने के लिए एम्बुलेंस देने की पेशकश की, लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया. उनका कहना है कि जब तक उन्हें पूरा इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा. तीन दिन बीत जाने के कारण शव सड़ने लगा है, फिर भी परिजन अपनी मांगों पर अड़े हैं.
एक आरोपी गिरफ्तार, दो फरार
पुलिस ने इस मामले में भारती जेना को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं मुख्य आरोपी भरत जेना और मानस जेना घटना के बाद से फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है.
मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही- एसपी
बालेश्वर एसपी प्रत्यूष दिवाकर ने बताया कि जमीन की हदबंदी और मकान की छत को लेकर दोनों परिवारों में विवाद हुआ था, जो बाद में हिंसक हो गया. पुलिस का कहना है कि FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है. अगर किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी.
इंसाफ की मांग पर अड़ा परिवार
पीड़ित परिवार की मांग है कि फरार दोनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और पांच साल पुराने विवाद में लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय हो. फिलहाल शव के साथ प्रदर्शन जारी है और पूरा मामला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.
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