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नोएडा वासियों को मिलेगा हिंडन रिवर फ्रंट का तोहफा! जानें कब तक पूरा होगा गोमती जैसा यह शानदार प्रोजेक्ट

नोएडा में हिंडन नदी के दोनों किनारों पर 25 किलोमीटर लंबी छह-लेन सड़क, हरित क्षेत्र, वॉकिंग ट्रैक, बैठने और मनोरंजन की सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसके अलावा नदी के आसपास के क्षेत्र को पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने का भी प्रस्ताव है.

नोएडा वासियों को मिलेगा हिंडन रिवर फ्रंट का तोहफा! जानें कब तक पूरा होगा गोमती जैसा यह शानदार प्रोजेक्ट
हिंडन रिवर फ्रंट विकसित करने की योजना
  • नोएडा अथॉरिटी ने हिंडन नदी के रिवर फ्रंट को लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई है.
  • इस परियोजना पर कुल लगभग 29,315 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और यह वर्ष 2031 तक पूरी की जाएगी.
  • नदी के दोनों किनारों पर 25 किलोमीटर लंबी छह लेन सड़क का निर्माण होगा, जिसकी लागत लगभग 2,425 करोड़ रुपये है.

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर की जीवनरेखा मानी जाने वाली हिंडन नदी के मरम्मत और सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. नोएडा अथॉरिटी ने हिंडन रिवर फ्रंट विकसित करने की योजना तैयार की है, जिसे लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक इस परियोजना पर करीब 29,315 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

इस योजना के तहत नदी के दोनों किनारों पर 25 किलोमीटर लंबी 6 लेन की सड़क बनाई जाएगी, जिस पर लगभग 2,425 करोड़ रुपये की लागत आएगी. साथ ही हरित क्षेत्र, वॉकिंग ट्रैक, बैठने के स्थान और बच्चों के मनोरंजन के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. नोएडा अथॉरिटी का लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2031 तक पूरा करने का है, जिससे हिंडन नदी क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है.

3 फेज में पूरा होगा रिवर फ्रंट का काम

रिवर फ्रंट योजना को लेकर सेक्टर-14 स्थित नोएडा प्राधिकरण सीईओ कृष्णा करुणेश के कैंप कार्यालय में बैठक हुई, जिसमें कई अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में यह चर्चा हुई कि इस योजना को धरातल पर उतारने में कहां-कहां बाधा आ सकती है. बताया गया कि परियोजना तीन फेज में पूरी होगी. इसमें कुल परियोजना का 50 प्रतिशत कार्य प्रथम फेज में पूरा होगा.

पुनर्वास पर करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च

हालांकि, इस परियोजना के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती भी है. सबसे पहले हिंडन किनारे बसे लोगों को हटाना होगा. लेकिन इसमें 10 हजार परिवारों को चार हजार करोड़ रुपये खर्च कर पुनर्वास कराया जाएगा. परियोजना को वर्ष 2012 में धरातल पर उतारने का प्रयास था, जिसमें 200 एकड़ भूमि भी प्राधिकरण ने खरीदी थी, पर सफलता नहीं मिली.

जानकारी के अनुसार इस भूमि पर अवैध कॉलोनियां काटकर लोगों को बसा दिया गया है. इस भूमि को वापस पाना भी प्राधिकरण के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा. परियोजना पर अंतिम निर्णय लेने के लिए सरकार को भेजा दिया गया है. अब CM योगी निर्णय लेंगे कि परियोजना को कैसे धरातल पर उतारा जाए. नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने कहा कि हिंडन रिवर फ्रंट को धरातल पर उतारने की तैयारी करेगा नोएडा प्राधिकरण. उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग एनओसी जारी करेगा. शासन तय करेगा कि इसका विकास कैसे किया जाए.

हिंडन रिवर फ्रंट योजना की बड़ी बातें 

  • फेज-1: 12 किमी (डीएससी रोड ब्रिज से नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे रोड ब्रिज)
  • फेज-2: 05 किमी (बिसरख रोड ब्रिज से डीएससी रोड)
  • फेज-3: 08 किमी (एनएच 24 (9) से बिसरख रोड ब्रिज)
  • कुल लंबाई: 25 किमी
  • हिंडन रिवर फ्रंट का खर्च (राशि करोड़ रुपये में)
  • जमीन खरीद   15000

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