भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य-एल 1 मिशन लॉन्च किया है. इस प्रॉजेक्ट का नेतृत्व निगार शाजी कर रही हैं. निगार शाजी बेंगलुरु में इसरो के यूआर राव सैटेलाइट सेंटर में एक वैज्ञानिक रही हैं. उन्हे भारत की पहली अंतरिक्ष-आधारित सौर वेधशाला के परियोजना निदेशक का कमान सौंपा गया था. एनडीटीवी के साथ बात करते हुए शाजी ने कहा कि केवल कुछ ही देश इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं. बहुत जल्द भारत भी इस क्लब का हिस्सा बन जाएगा.
ISRO में महिलाओं के साथ कोई भेदभाव नहीं
कई लोगों की धारणा रही है कि ISRO में महिलाओं के साथ भेदभाव होते रहे हैं. इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है. इसरो में केवल प्रतिभा मायने रखती है. उन्होंने कहा कि उनसे पहले भी कई महिलाओं ने इसरो के लिए अहम कार्य किए हैं. इससे पहले, एम वनिता ने चंद्रयान-2 मिशन का नेतृत्व किया था और थेनमोझी सेल्वी के ने पृथ्वी-इमेजिंग उपग्रह के निर्माण का नेतृत्व किया था. हाल ही में, कल्पना के ने अत्यधिक सफल चल रहे चंद्रयान -3 मिशन के उप परियोजना निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला था.
-
"डर है कहीं इंसान मशीनों की तरह न सोचने लगें", NDTV World Summit में BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी -
नोबेल विजेताओं जैसी दिमागी ताकत और पलक झपकते ही मौत! CIA के पूर्व प्रमुख ने AI युद्ध पर दी सबसे खौफनाक चेतावनी -
'एक दिमाग में लाखों आइंस्टाइन से बेहतर है एक हृदय में लाखों बुद्ध',AI के सवाल पर BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी -
PM मोदी ने याद दिलाई 12 लाख तक की आय पर टैक्स छूट, बोले- 'जो मिला वो हजम...ऐसे नहीं चलता!' -
NDTV World Summit में PM मोदी का राहुल गांधी पर वार, बोले- "कांग्रेस अपने फेल प्रोडक्ट की..." -
NDTV World Summit 2026: Zerodha बंद हो जाए तो क्या करेंगे? निखिल कामत ने बताया ₹10 लाख वाला बिजनेस प्लान -
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
NDTV World Summit में पीएम मोदी ने गिनाईं एशियाड की उपलब्धियां, 'सेपकटकरॉ' का भी किया जिक्र -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026
9 साल की मेहनत का परिणाम है आदित्य L1 मिशन
निगार शाजी ने कहा कि "आदित्य एक जटिल वैज्ञानिक उपग्रह है," हमने इसके लिए लगातार 9 साल तक मेहनत किया है. अपने मुस्कुराहट और सौम्य व्यवहार को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके साथ काम करने वाले उन्हें एक सख्त इंशान मानते हैं. उन्हें कहा कि उनके पिता ने ही उन्हें इंजीनियर बनने के लिए प्रेरित किया. निगार के पिता शेख मीरन गणित स्नातक थे. जिन्होंने अपनी इच्छा से खेती करना शुरू किया. तमिलनाडु के तेनकासी जिले के ग्रामीण सेनगोट्टई में पली-बढ़ी निगार ने नोबेल पुरस्कार विजेता मैरी क्यूरी की सफलताओं के बारे में सुना था, जिससे उन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में नौकरी करने की प्रेरणा मिली.
सरकारी स्कूल में निगार शाजी की हुई पढ़ाई
उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल में हुई. इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार में इंजीनियरिंग की डिग्री के लिए वह मदुरै कामराज विश्वविद्यालय के तिरुनेलवेली के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में पहुंची. बाद में, उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से इलेक्ट्रॉनिक्स में मास्टर डिग्री प्राप्त किया. निगार ने कहा कि उनका परिवार चाहता था कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन उन्होंने इंजीनियर बनना चुना.
अपनी जर्नी को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना करियर एक अंतरिक्ष यान परीक्षण इंजीनियर के रूप में शुरू किया और शानदार योगदान के साथ करियर की सीढ़ी चढ़ती गईं. वह सौर मंडल से परे ग्रहों के अध्ययन के लिए शुक्र मिशन और EXO विश्व मिशन के लिए अध्ययन निदेशक के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालती रही हैं.
ये भी पढ़ें-
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं