पंजाब के सीमावर्ती, ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह नहीं मनाए जाने की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीर रुख अपनाया है. आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने पंजाब सरकार से चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ सरकारी स्कूलों में न तो राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और न ही राष्ट्रगान का आयोजन हुआ. एनएचआरसी ने कहा है कि यदि ऐसा हुआ है तो इससे बच्चों के संवैधानिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं. मामले की जानकारी केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय को भी दी गई है.
शिकायत पर NHRC ने लिया संज्ञान
पंजाब के सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित नहीं किए जाने संबंधी शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है. एनएचआरसी की बेंच ने पंजाब सरकार से पूछा है कि क्या सीमावर्ती और दूरदराज क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों को राष्ट्रीय पर्वों से जुड़े समान अवसर नहीं मिले, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों के बच्चों को ये अवसर उपलब्ध थे.
National Human Rights Commission (NHRC) bench seeks a detailed report from the Punjab Government regarding the non-observance of Independence Day celebrations in government schools across Punjab. pic.twitter.com/fqpl8yODSb
— ANI (@ANI) August 19, 2026
प्रियंक कानूनगो ने क्या कहा?
NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने ANI से बातचीत में कहा कि पंजाब के पाकिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह, ध्वजारोहण और राष्ट्रगान जैसी गतिविधियां आयोजित नहीं की गईं. उन्होंने कहा, "पंजाब के पाकिस्तान सीमा से लगे सरकारी स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह, राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान जैसी गतिविधियां आयोजित नहीं की जा रही हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे अनुपातहीन रूप से प्रभावित होते हैं और यह संविधान तथा भारतीय ध्वज संहिता की भावना के विपरीत है."
यह सरकारी राष्ट्रद्रोह है !!
— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) August 15, 2026
पंजाब में पाकिस्तान के बॉर्डर से लगे हुए गाँवों के स्कूलों में ना तो स्वतंत्रता दिवस मनाया गया है और ना ही तिरंगा फहराया गया है।
स्कूल ही नहीं पंचायतों में भी राष्ट्रीय पर्व का अपमान किया जा रहा है, राष्ट्रगान तक नहीं किया गया।@ArvindKejriwal और… pic.twitter.com/058bwVTOIx
कानूनगो ने आगे कहा,"बच्चों में राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित न करना राज्य सरकार की गंभीर लापरवाही है." उन्होंने ANI को बताया कि मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट और कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है.
#WATCH | Delhi | National Human Rights Commission (NHRC) member Priyank Kanoongo says, "In Punjab's government schools near the Pakistan border, Independence Day celebrations, including flag hoisting and singing the national anthem, are not conducted. This omission… https://t.co/vK0ySizVCh pic.twitter.com/TaX97jB5fi
— ANI (@ANI) August 19, 2026
राज्य, जिला और स्कूलवार रिपोर्ट मांगी
आयोग ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वह 15 अगस्त 2026 को आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोहों का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराए. रिपोर्ट में यह जानकारी शामिल होगी:
- कितने सरकारी स्कूलों में ध्वजारोहण हुआ
- कितने स्कूलों में राष्ट्रगान गाया गया
- कितने छात्रों ने समारोह में भाग लिया
- किन स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम नहीं हुआ
- कार्यक्रम नहीं होने के कारण क्या थे
एनएचआरसी ने विशेष रूप से सीमावर्ती, ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति की जांच करने को कहा है.
बच्चों के अधिकारों का मुद्दा
आयोग का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों को देश के इतिहास और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है. एनएचआरसी बेंच ने अपनी टिप्पणी में कहा कि ऐसे अवसर बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम, संविधान, राष्ट्रीय प्रतीकों, राष्ट्रीय एकता और नागरिक कर्तव्यों के बारे में सीखने का अवसर देते हैं. इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि किसी भी क्षेत्र के बच्चे इन अवसरों से वंचित न रहें.
केंद्र सरकार को भी भेजी गई जानकारी
आयोग ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय से भी इस संबंध में जानकारी मांगी है. साथ ही गृह मंत्रालय को मामले से अवगत कराते हुए आवश्यक हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है. एनएचआरसी ने पंजाब के मुख्य सचिव को चार सप्ताह के भीतर विस्तृत अनुपालन और कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है.
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