- असम में हाल ही संपन्न SIR अभियान का उद्देश्य सभी पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना था.
- अंतिम मतदाता सूची में लगभग 2.49 करोड़ मतदाता शामिल किए गए हैं जो आगामी चुनाव के लिए तैयार हैं.
- असम में कुल 31,486 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे जिनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का समुचित वितरण है.
असम में आगामी चुनाव की तैयारियों और हाल ही में संपन्न हुई विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SSR) प्रक्रिया पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, "एक शुद्ध मतदाता सूची ही हमारे लोकतंत्र की आधारशिला है. असम में हाल ही में संपन्न हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो सके."
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि जिस प्रकार मां कामाख्या के आशीर्वाद से 'बिहू' और 'काजीरंगा' असम की आत्मा हैं, ठीक उसी तरह मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया हमारे लोकतंत्र की आत्मा है. चुनाव का यह पर्व, असम का गर्व. मैं मीडिया के माध्यम से असम के सभी मतदाताओं, विशेषकर युवा मतदाताओं से अपील करता हूं कि जिस प्रकार आप बिहू जैसे त्योहारों को पूरी आस्था, उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाते हैं, उसी तरह लोकतंत्र के इस महापर्व में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें. पिछले चुनावों में असम का 'वोटर टर्नआउट' (मतदान प्रतिशत) काफी सराहनीय रहा है, जो यहां के लोगों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और समृद्ध विरासत को दर्शाता है."
#WATCH | Guwahati | On poll preparedness in Assam and the recently concluded SIR process, Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar says, "Pure electoral rolls are the bedrock of democracy. The aim of the recently concluded SIR in Assam was that no eligible voter should be… pic.twitter.com/8LhwXCR3vn
— ANI (@ANI) February 18, 2026
'मतदाता सूची में लगभग 2.49 करोड़ मतदाताओं को शामिल'
चुनाव आयोग की दो दिवसीय समीक्षा बैठक का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि असम की कुल 126 विधानसभा सीटों में से 98 सामान्य, 19 अनुसूचित जनजाति (ST) और 9 अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित हैं. मतदाता सूची के आंकड़ों पर स्पष्टता देते हुए उन्होंने कहा कि 17 नवंबर से शुरू हुए विशेष पुनरीक्षण अभियान के बाद, अंतिम मतदाता सूची में लगभग 2.49 करोड़ मतदाताओं को शामिल किया गया है.
उन्होंने कहगा कि चुनाव को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए आयोग ने व्यापक इंतजाम किए हैं. पूरे राज्य में कुल 31,486 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से 27,711 ग्रामीण क्षेत्रों में और 3,775 शहरी क्षेत्रों में होंगे. निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर वेबकास्टिंग (Webcasting) की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही, मतदाताओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक न हो.
'उम्मीदवारों की रंगीन (कलर्ड) फोटो का उपयोग किया जाएगा'
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने मतदान केंद्रों पर दी जाने वाली सुविधाओं और पारदर्शिता को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं के लिए मतदान के अनुभव को सुखद और सुगम बनाना है. इसके तहत सभी पोलिंग बूथों पर पीने के पानी, शौचालय और स्पष्ट दिशा-निर्देशों की समुचित व्यवस्था की जाएगी. विशेष रूप से दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधा के लिए रैंप, व्हीलचेयर और समर्पित हेल्प डेस्क के साथ-साथ 'वोटर फैसिलिटेशन सेंटर' भी बनाए जाएंगे. मतदान केंद्रों पर रोशनी और मतदाताओं को धूप या बारिश से बचाने के लिए उचित शेड (छाया) का भी इंतजाम रहेगा.
सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मतदाता मोबाइल फोन लेकर आते हैं, तो वे उसे मतदान केंद्र के मुख्य द्वार पर सुरक्षित रूप से जमा कर सकेंगे. इसके अलावा, पारदर्शिता और स्पष्टता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है; पहले बैलेट पेपर या ईवीएम पर उम्मीदवारों की तस्वीरें अक्सर ब्लैक एंड व्हाइट होती थीं, जिससे मतदाताओं को उन्हें पहचानने में कठिनाई होती थी. अब मतदाताओं की सुविधा के लिए उम्मीदवारों की रंगीन (कलर्ड) फोटो का उपयोग किया जाएगा, ताकि वे अपने प्रतिनिधि की पहचान आसानी से कर सकें.
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