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भारतीय सामान पर नेपाल के टैक्स से बिहार के बाजार मायूस- सीमा से ग्राउंड रिपोर्ट

नेपाल के नए भंसार नियम से सीमा पर भारतीय व्यापारियों में गहरा असर पड़ रहा है. जहां दुकानों में 90 प्रतिशत नेपाली लोग नजर आते थे. वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है.

भारतीय सामान पर नेपाल के टैक्स से बिहार के बाजार मायूस- सीमा से ग्राउंड रिपोर्ट
नेपाल बॉर्डर पर बाजार में दिखा सन्नाटा

नेपाल सरकार द्वारा भंसार (Custorm Duty) के नए नियम जारी किए जाने के बाद भारत-नेपाल सीमा पर जोगबनी स्थित दुकानदार परेशान हैं. नेपाल सरकार द्वारा 100 रुपए से अधिक का सामान भारत से नेपाल ले जाने पर भंसार को अनिवार्य कर दिया गया है. सरकार ने इसे लेकर नोटिस भी जारी कर दिया है, जिसके बाद विराट नगर भंसार कार्यालय में सूचना भी लगा दी गई है. सूचना पट्ट में साफ तौर पर यह उल्लेख किया गया है कि नेपाल के लोग अगर 100 रुपए से अधिक का सामान बॉर्डर से ले जाते हैं तो शुल्क देना होगा. सूचना जारी होने के बाद नेपाली नागरिकों का आवागमन पूरी तरह से कम हो गया है. गौरतलब हो कि पहले जहां जोगबनी बाजार नेपाली नागरिकों से गुलजार रहा करता था, वहीं सोमवार को बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ देखा गया. 

दूसरी ओर भारतीय व्यवसाई नेपाल सरकार के इस भंसार के नए नियम से काफी परेशान हैं और उनके सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है. बॉर्डर पर स्थित कपड़ा, बर्तन, जूता आदि के दुकानदारों ने बताया कि लगन का समय है, इसके बावजूद ग्राहकों का आना बिल्कुल न के बराबर है, दुकानदारों ने बताया कि नेपाल सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि भारत और नेपाल का जो आपसी समन्वय है वह बरकरार रहे.

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जोगबनी बॉर्डर क्षेत्र होते हैं 90 प्रतिशत ग्राहक नेपाली

वहीं जोगबनी के कपड़ा व्यवसाई अमित कुमार सिंह ने बताया कि नेपाल में बैलेंस सरकार बनने के बाद ₹100 का जो नियम लगाया गया है, वह रोटी बेटी के संबंध को बिगाड़ सकता है. साथ ही जोगबनी मार्केट में अक्सर नेपाली ग्राहकों का आना-जाना लगा रहता है. यहां 90% ग्राहक नेपाली होते हैं इस नए नियम के लागू होने के बाद जोगबनी बाजार में ग्राहकों की कमी हुई है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है.

सरकार को निकालना चाहिए रास्ता

राज किशोर सह ने कहा कि नेपाल सरकार ने जो नियम लगाया है वह अपने हित के लिए लगाया है वह ठीक है. लेकिन इसमें सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए रियायत करना चाहिए, जिससे उनका जीवन यापन सुचारु रूप से चल सके. क्योंकि भारत और नेपाल में रोटी बेटी का संबंध सदियों से रहा है. इसे और प्रभावी बनाने की जरूरत है. सरकार कुछ ऐसा रास्ता निकाले जिससे व्यवसाय प्रभावित नहीं हो और रोजगार भी चले. हमारी मांग दोनों सरकार से है कि इस नियम को तत्काल प्रभाव से हटाकर कोई दूसरा रास्ता निकाले. 

शादी के मौसम में व्यापारी लगाते हैं अधिक पूंजी

वहीं जोगबनी के व्यवसाय सुनील कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में लग्न (शादी) का मौसम चल रहा है. दोनों देश में शादियां होती रही है. जिसको लेकर बाजार में व्यापारी अधिक से अधिक पूंजी लगाकर शादी विवाह का सामान, कपड़ा जैसे दुकान लगाए गए हैं. लेकिन ग्राहक नहीं आने की वजह से यह शोभा का वस्तु बनकर रह गया है. हमें दोनों देशों की सरकारों से निवेदन है कि इस तरह के नियम को रखे, लेकिन व्यापारी और गरीब-मजदूरों को ध्यान में रखते हुए कोई रास्ता निकाला जाए. साथ ही तस्करी जो हो रही है उस पर लगाम लगाया जाए. लेकिन व्यवसाय के ऊपर टैक्स लगा देने से व्यापार काफी प्रभावित हुई है.

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