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NDTV Exclusive: एपस्टीन विवाद पर हरदीप पुरी का बड़ा खुलासा, बताया ईमेल में क्यों लिखा था 'Have Fun'

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने NDTV से इंटरव्यू में जोर देकर कहा कि एपस्टीन उनका कोई व्यक्तिगत मित्र नहीं था. उन्होंने कहा, "मैं न तो कभी उसके आइलैंड पर गया और न ही वह कभी मेरे घर आया."

NDTV Exclusive: एपस्टीन विवाद पर हरदीप पुरी का बड़ा खुलासा, बताया ईमेल में क्यों लिखा था 'Have Fun'
  • केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि एपस्टीन से मुलाकात के वक्त उन्हें उसके इतिहास की जानकारी नहीं थी
  • पुरी ने कहा, "मैं न तो कभी उसके आइलैंड पर गया और न ही वह कभी मेरे घर आया." वह कोई निजी मित्र नहीं था.
  • केंद्रीय मंत्री पुरी ने बताया कि एपस्टीन से उनकी मुलाकातें उस वक्त हुई थीं, जब वह ICM के महासचिव थे
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ अपने पुराने ईमेल संपर्कों को लेकर उठ रहे सवालों पर चुप्पी तोड़ी है. 2014 और 2015 के इन ईमेल्स में से एक में उन्होंने "exotic island" का जिक्र किया था और दूसरे में एपस्टीन को जवाब देते हुए "have fun" लिखा था. हरदीप पुरी ने NDTV के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि जब उनकी एपस्टीन से मुलाकात हुई थी, तब उन्हें उसके आपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी नहीं थी. 

अकेले नहीं, टीम के साथ हुई थी मुलाकात

केंद्रीय मंत्री ने NDTV की मैनेजिंग एडिटर पद्मजा जोशी से बातचीत में बताया कि एपस्टीन से उनकी मुलाकातें उस वक्त हुई थीं, जब वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) के एक प्रोजेक्ट इंडिपेंडेंट कमीशन ऑन मल्टीलेटरलिज्म (ICM) के महासचिव थे, जिसमें दुनिया भर के कई प्रतिष्ठित नेता और प्रधानमंत्री शामिल थे. एपस्टीन उस कमीशन का हिस्सा नहीं था बल्कि आईजीआई के कार्यक्रमों के सिलसिले में ही मौजूद रहता था. पुरी ने कहा कि अगर मैं कोई सरकारी अधिकारी होता तो मैं किसी को मैसेज भेजकर पूछता कि क्या मुझे इस व्यक्ति से मिलना चाहिए या नहीं, लेकिन ऐसा नहीं था. 

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'न उसके आइलैंड गया, न वह मेरे घर आया'

हरदीप पुरी ने इंटरव्यू में जोर देकर कहा कि एपस्टीन उनका कोई व्यक्तिगत मित्र नहीं था. उन्होंने कहा, "मैं न तो कभी उसके आइलैंड पर गया और न ही वह कभी मेरे घर आया." पुरी ने कहा कि एपस्टीन से जब उनकी पहली मुलाकात हुई थी, तब वह उसका इतिहास नहीं जानते थे. पहली मुलाकात के दौरान उन्होंने एपस्टीन के बारे में गूगल सर्च किया था और आपस में चर्चा की थी कि उनसे मिलना चाहिए या नहीं. उन्होंने जोर देकर कहा कि ये मुलाकात पर्सनल नहीं बल्कि डेलिगेशन के साथ हुई थीं. उन्होंने बताया कि वह प्रतिनिधिमंडल के साथ एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे. 

"exotic island" क्यों लिखा, बताया

हरदीप पुरी ने उन विवादित ईमेल्स पर भी जबाव दिया जिनमें उन्होंने "एग्जोटिक आइलैंड" और "मजे करो" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था. दिसंबर 2014 के एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन को क्रिसमस की बधाई देते हुए पूछा था कि वह अपने "एग्जोटिक आइलैंड" से वापस कब आएंगे ताकि उनसे बात हो सके और वह उसे कुछ किताबें दे सकें. 

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"have fun" लिखने की कहानी भी बताई

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि "एग्जोटिक" शब्द का इस्तेमाल वह अक्सर अमीर दोस्तों और परिचितों के लिए सामान्य बातचीत में करते रहे हैं. इसका कोई दूसरा अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए. ये ईमेल आगामी बातचीत के लिए लिखा गया था. एपस्टीन का जवाब आने पर पुरी ने रिप्लाई करते हुए लिखा था- "वापस आने पर मुझे बताएं, और तब तक हैव फन." 

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एपस्टीन के अपराधों से अनजान थाः पुरी

ईमेल में लिखे "Have Fun" शब्द पर पुरी ने कहा कि 2014-15 तक उन्हें एपस्टीन के खिलाफ चल रहे आरोपों का थोड़ा अंदाजा था, लेकिन उसके अपराधों की गंभीरता और पूरी सच्चाई तब तक सामने नहीं आई थी. उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में कई बार ऐसे लोगों से मिलना पड़ता है जो किसी न किसी मामले में दोषी हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनके साथ किसी तरह की मिलीभगत है.

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