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This Article is From Feb 11, 2026

एपस्टीन ने मुझे दोमुंहा कहा था... राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की दो टूक

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे पास एक युवा नेता हैं जिन्होंने आज संसद के सामने कुछ बातें रखीं. उन्हें बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है

एपस्टीन ने मुझे दोमुंहा कहा था... राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की दो टूक
  • केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उनकी आदतों पर टिप्पणी की.
  • पुरी ने नेताओं को दो प्रकार में बांटा, एक वे जो पॉलिटिकल सिस्टम में जिम्मेदारी निभाते हैं और देश बदलते हैं.
  • उन्होंने कहा कि भारत अब चौथे सबसे बड़े आर्थिक देश के रूप में स्थापित हो चुका है और जल्द तीसरे नंबर पर आएगा.
नई दिल्ली:

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने LoP राहुल गांधी के बयान पर रिएक्शन देते हुए कहा कि उन्हें (राहुल गांधी) बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है. दो तरह के लीडर होते हैं. एक वो होते हैं जो पॉलिटिकल सिस्टम में जिम्मेदारी लेते हैं और अपनी जिंदगी पब्लिक सर्विस में लगा देते हैं, देश को बदलते हैं. ये वो लीडर हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी में यह पक्का किया है कि देश 10वीं सबसे बड़ी इकॉनमी से चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी बन गया है. हम अभी चौथे नंबर पर हैं और जल्द ही हम तीसरे सबसे बड़े होंगे. फिर दूसरे लीडर हैं जो कभी-कभी देश आते हैं, कभी-कभी विदेश घूमते हैं, और जब वे पार्लियामेंट में आते हैं, जैसा कि मेरे एक साथी ने कहा, जब कोई कुछ जरूरी बात पेश कर रहा होता था तो वे वॉकआउट कर देते थे और आज, अपनी स्पीच देने के बाद, वे चले गए. आप जानते हैं मैं किस लीडर की बात कर रहा हूं.

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जेफरी एपस्टाइन के साथ उनकी बातचीत का "उनके खिलाफ लगे आरोपों से कोई लेना-देना नहीं था. मंत्री ने कहा कि उस समय उनका प्राथमिक संपर्क लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन से था और उन्होंने इंटरनेट उद्यमी और वेंचर कैपिटलिस्ट को भारत आने का निमंत्रण दिया था. तीन मिलियन ईमेल में से सिर्फ तीन-चार बार ही उनके नाम का जिक्र हुआ. मैं एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में कुछ मौकों पर एपस्टीन से मिला था और सिर्फ एक ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था. हमारी बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था, जिनका उन पर आरोप है. हमने 'मेक इन इंडिया' के बारे में बात की थी.

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जेफरी एपस्टाइन के साथ उनकी बातचीत का "उनके खिलाफ लगे आरोपों से कोई लेना-देना नहीं था. मंत्री ने कहा कि उस समय उनका प्राथमिक संपर्क लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन से था और उन्होंने इंटरनेट उद्यमी और वेंचर कैपिटलिस्ट को भारत आने का निमंत्रण दिया था. तीन मिलियन ईमेल में से सिर्फ तीन-चार बार ही उनके नाम का जिक्र हुआ. मैं एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में कुछ मौकों पर एपस्टीन से मिला था और सिर्फ एक ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था. हमारी बातचीत का उन अपराधों से कोई लेना-देना नहीं था, जिनका उन पर आरोप है. हमने 'मेक इन इंडिया' के बारे में बात की थी.

उन्होंने आगे कहा कि मुझे एपस्टीन की गतिविधियों में कोई दिलचस्पी नहीं थी. उनके लिए मैं 'सही व्यक्ति' नहीं था. एपस्टीन ने मुझे दोमुंहा कहा था. राहुल को ईमेल पढ़ने चाहिए.

पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से संबंधित अपनी फाइलों से रिकॉर्ड का एक विशाल नया जत्था जारी किया, जिससे उस कानून के तहत खुलासे फिर से शुरू हो गए, जिसका उद्देश्य युवा लड़कियों के यौन शोषण और धनी और प्रभावशाली हस्तियों के साथ उसके संबंधों के बारे में सरकार को जो कुछ भी पता था, उस पर प्रकाश डालना था.

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