- नमो भारत के दस नए रूट दिल्ली एनसीआर के चार राज्यों के बीच बन रहे हैं, जो अगले 15 सालों में तस्वीर बदल देंगे
- रैपिड रेल दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड तक पहुंचेगी
- दिल्ली से पानीपत-करनाल और अलवर रूट पर काम जल्द शुरू होने वाला है.
मेट्रो अभी दिल्ली एनसीआर की जान है, रोजाना एक करोड़ के करीब यात्री, दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम समेत पूरे एनसीआर में सफर करते हैं, जो किसी छोटे देश की आबादी से कम नहीं है. लेकिन आने वाले 10-15 सालों में पूरे दिल्ली एनसीआर को नमो भारत की हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी, जो इन शहरों को जोड़ने के साथ मेट्रो से तीन गुना तेज रफ्तार भी देगी. यह मेरठ, बागपत, हापुड़, मुज्फफरनगर, हरियाणा में पानीपत, करनाल, रेवाड़ी-भिवानी या राजस्थान में अलवर जैसे शहरों के उन कामकाजी लोगों, छात्रों को डेली अपडाउन का विकल्प देगी, जो अभी लंबी और थकाऊ यात्रा के कारण दिल्ली में किराये पर घर लेकर पढ़ाई, कारोबार या नौकरी करते हैं.
नमो भारत के नए कॉरिडोर (Namo Bharat Corridor in Delhi NCR)
नमो भारत के 20 अक्टूबर 2026 को तीन साल पूरे हो जाएंगे. 2023 में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किमी लंबा सेक्शन चालू हुआ था.दिल्ली एनसीआर मास्टर प्लान 2032 की मानें तो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को मिलाकर 8 नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर बनेंगे. इनमें से पहले फेज के दो अन्य रूट दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-अलवर रूट हैं. नमो भारत ट्रेन के दो नए रूट दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली अलवर एनसीआर में जल्द रफ्तार पकड़ने वाले हैं. NCRTC इन परियोजनाओं को केंद्रीय कैबिनेट से फाइनल मंजूरी जल्द मिल सकती है.करीब 65 हजार करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं को पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड (PIB) से मंजूरी मिल चुकी है, बस केंद्रीय कैबिनेट की मुहर का इंतजार है.
दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर नमो भारत कॉरिडोर
दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर नमो भारत रूट की लंबाई 164 किलोमीटर है. इसकी लागत 32 हजार करोड़ रुपये है. यह नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली को हरियाणा के गुरुग्राम, मानेसर, धारूहेड़ा, बावल और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र नीमराना-अलवर से कनेक्ट करेगा. इसमें 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं. दिल्ली-बावल रूट 93 किमी प्रायोरिटी में है. दिल्ली-सोनीपत-पानीपत-करनाल की लंबाई 136 किलोमीटर है. 33 हजार करोड़ की लागत का यह कॉरिडोर दिल्ली से उत्तर हरियाणा (जीटी रोड बेल्ट) की कनेक्टिविटी को आसान बनाता है. इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जाने हैं. इससे दिल्ली से करनाल का लंबा सफर आसान हो जाएगा.
सराय काले खां बनेगा महा ट्रांजिट हब
कैबिनेट की आखिरी मंजूरी से पहले NCRTC ने दोनों कॉरिडोर के सिविल, आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग डिजाइनों की कंसल्टेरेंसी के टेंडर जारी किए हैं.साल 2026 के दिसंबर महीने या 2027 में जमीनी निर्माण कार्य शुरू हो सकता है. सराय काले खां पर तीनों कॉरिडोर का महामिलन होगा. दिल्ली का सराय काले खां रैपिड रेल स्टेशन बड़ा ट्रांजिट हब बन जाएगा, क्योंकि दिल्ली-मेरठ के साथ दोनों नए रूट (पानीपत और अलवर) आकर मिलेंगे. यात्री बिना प्लेटफॉर्म बदले एक से दूसरे कॉरिडोर में बेहद आसानी से सफर कर पाएंगे.नमो भारत की ट्रेनें अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी.
1. दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर (यूपी से दिल्ली)
82.15 किलोमीटर का रूट फरवरी 2026 से पूरी तरह चालू है. यह दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर न्यू अशोक नगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर होते हुए मेरठ के मोदीपुरम तक जाता है. इसी रूट पर मेरठ मेट्रो भी चलाई जा रही है.
2. दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर कॉरिडोर (दिल्ली-हरियाणा-राजस्थान)
164 किलोमीटर लंबे रूट का पहला फेज दिल्ली-बावल के बीच 93.5 किमी का है. दिल्ली में सराय काले खां, आईएनए, मुनिरका, एयरोसिटी के बाद हरियाणा में उद्योग विहार, राजीव चौक, खेड़की दौला, मानेसर, पंचगांव, धारूहेड़ा, रेवाड़ी, बावल स्टेशन प्रस्तावित हैं. राजस्थान में नीमराना, बहरोड़, अलवर स्टेशन हो सकते हैं. यह रैपिड रेल रूट दिल्ली-मुंबई नेशनल हाईवे-48 के समानांतर NCR के सबसे बड़े औद्योगिक, ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब को जोड़ेगा.
3. दिल्ली-सोनीपत-पानीपत-करनाल कॉरिडोर (दिल्ली-हरियाणा)
136 किलोमीटर को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने वाली है. दिल्ली के सराय काले खां, इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, बुराड़ी, नरेला होते हुए हरियाणा में कुंडली, सोनीपत, गन्नौर, समालखा, पानीपत, करनाल स्टेशन होंगे. यह पूरा रूट नेशनल हाईवे-44 (NH-44) के साथ एलिवेटेड ट्रैक पर बनेगा.दिल्ली-जीटी रोड बेल्ट की यात्रा आसान हो जाएगी.
4. दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल कॉरिडोर (दिल्ली-हरियाणा )
परियोजना की डीपीआर तैयार हो रही है. यह दिल्ली से शुरू होकर हरियाणा के पुराने औद्योगिक शहरों फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और पलवल को कनेक्ट करेगा. इससे दिल्ली-हरियाणा के बीच लाखों यात्रियों को बेहद तेज आवाजाही का बिना ट्रैफिक वाला विकल्प मिलेगा.
5. दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत कॉरिडोर (दिल्ली-यूपी)
लगभग 56 किलोमीटर लंबा रूट दिल्ली के सराय काले खां से शाहदरा, गाजियाबाद के लोनी और खेकड़ा होते हुए उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत तक जाएगा.वेस्ट यूपी के कृषि प्रधान बागपत जिले को दिल्ली-एनसीआर के मेन कॉरिडोर से जोड़ेगा.
6. गाजियाबाद-हापुड़ कॉरिडोर (उत्तर प्रदेश)
यह गाजियाबाद के रैपिड रेल स्टेशन से सीधे जुड़कर यूपी के हापुड़ शहर तक जाएगा. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के भारी ट्रैफिक को कम करने में यह गेमचेंजर साबित होगा.
7. गाजियाबाद-खुर्जा कॉरिडोर (उत्तर प्रदेश)
यह गाजियाबाद से बुलंदशहर होते हुए खुर्जा तक नमो भारत रैपिड रेल को पहुंचाएगा. वेस्ट यूपी के ग्रामीण और कस्बाई व्यापारिक केंद्रो को इससे हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी.
8. दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक कॉरिडोर (दिल्ली-हरियाणा)
हरियाणा सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है. दिल्ली से शुरू होकर हरियाणा के बहादुरगढ़ होते हुए रोहतक शहर तक जाएगा. रैपिड रेल दिल्ली-हरियाणा सीमा के बीच भारी वाहनों के दबाव को कम करेगी.
NCRTC celebrated Namo Bharat Diwas at Bharat Mandapam, New Delhi, marking the third anniversary of the commissioning of Namo Bharat services for the people. The event was graced by Hon'ble Union Minister of Housing & Urban Affairs and Power, Shri Manohar Lal; Hon'ble Union Minister of State for Housing & Urban Affairs, Shri Tokhan Sahu; Secretary/Department of Capital Development, MoHUA & Chairperson NCRTC, Smt. D Thara; and Secretary/Department of Urban Development, Shri Satendra Singh. Shri Shalabh Goel, MD, NCRTC, along with NCRTC Directors, were also present on the occasion. On this occasion, NCRTC reflected on the remarkable journey of India's first Namo Bharat over the past year, highlighting key milestones, initiatives to enhance commuter experience, and steps towards environmental and financial sustainability. These achievements were showcased through a film. The occasion also featured the Annual NCRTC Awards Ceremony, where employees were felicitated for their exemplary performances during the year. The awardees were recognised for their dedication, innovation, and contribution towards its successful and timely implementation and embedding sustainable practices in the project, transforming it into one of India's most advanced rail networks.
— National Capital Region Transport Corporation Ltd. (@officialncrtc) October 18, 2026
9. गाजियाबाद-नोएडा एयरपोर्ट कॉरिडोर
यूपी सरकार के खास अनुरोध पर NCRTC ने गाजियाबाद से जेवर (नोएडा एयरपोर्ट) के बीच करीब 60 किमी लंबे नए नमो भारत रूट की भी डीपीआर तैयार है. यह ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर, सेक्टर 142 होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक सुपर-फास्ट कनेक्टिविटी देगी.
10. मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश नमो भारत कॉरिडोर
दिल्ली-मेरठ को विस्तार देते हुए मुजफ्फरनगर के रास्ते हरिद्वार और ऋषिकेश तक ले जाने की तैयारी है. इससे उत्तराखंड भी नमो भारत नेटवर्क से जुड़ जाएगा. ऋषिकेश से तीन घंटे में दिल्ली पहुंच सकेंगे.
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