दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान अगस्त के शुरुआत में कुछ राज्यों में अच्छी बारिश हुई. लेकिन इसके बाद मॉनसून की तीव्रता कुछ घट गयी है, जिसकी वजह से देशभर में 1 जून से 23 अगस्त के बीच बारिश की कमी बढ़कर 14% हो गयी है. सबसे ज़्यादा कमी पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में रिकॉर्ड की गयी है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक, इस क्षेत्र में 23 अगस्त तक मॉनसून सीजन के दौरान बारिश की कमी सबसे ज़्यादा 27% रिकॉर्ड की गयी है. दक्षिण-प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की कमी बढ़कर 23% और उत्तर-पश्चिम भारत में 11% रिकॉर्ड की गयी है.
बारिश की इस कमी का असर महत्वपूर्ण खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ रहा है. खरीफ फसलों की बुआई पर कृषि मंत्रालय ने अपनी "All India Cropwise Progressive Area Sown Report" में कहा है कि 21 अगस्त, 2026 तक देशभर में खरीफ फसलों की बुआई पिछले साल के मुकाबले 16.07 लाख हेक्टेयर (-1.50 %) घट गयी है.
चावल की बुआई पर पड़ा सबसे ज्यादा असर
सबसे ज्यादा गिरावट चावल की बुआई में दर्ज की गयी है. कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 21 अगस्त तक चावल की बुआई पिछले साल के मुकाबले देश में 13.19 लाख हेक्टेयर (-3.15%) घट गयी है. भारत मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र के असर से, 24 से 26 अगस्त के दौरान ओडिशा में और 24 से 25 अगस्त के दौरान छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
कहां-कहां बारिश की संभावना?
साथ ही, 24 अगस्त को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में; 24 से 27 अगस्त के दौरान झारखंड में और 24 से 26 अगस्त के दौरान बिहार में भी कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. हालांकि, अगले एक हफ़्ते तक प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है।
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