नई दिल्ली. संसद के मौजूदा सत्र में पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच ठनी हुई है. इस गंभीर मसले पर चर्चा के तरीके को लेकर दोनों पक्षों में अब तक कोई आम सहमति नहीं बन पाई है. इसके चलते सदन में गतिरोध खत्म होने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं. लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के चलते 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है. वहीं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सरकार के रवैये पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रहा है, लेकिन इसके लिए नियम और शर्तें स्पष्ट हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में पेपर लीक मामले पर चर्चा चाहती है, तो उसे विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए.
उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस नियम 193 (जिसमें बिना वोटिंग के अल्पकालिक चर्चा होती है) के तहत इस मुद्दे पर बहस करने के लिए कतई तैयार नहीं है. इस संबंध में कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भी सूचित कर दिया है.
विपक्ष की 3 प्रमुख मांगें
विपक्ष ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी बुनियादी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक सदन से लेकर सड़क तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. विपक्ष की तीन प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूरी, छात्रों पर से मुकदमे वापसी अहम है.
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