- पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है
- अगले साल पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मणिपुर, गोवा, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं
- उत्तर प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होंगे, संभावित फेरबदल में नए चेहरे और विभागीय बदलाव हो सकते हैं
दो केंद्रीय मंत्रियों को फिर से राज्यसभा में नहीं भेजने के बीजेपी के फैसले के बाद मोदी मंत्रिपरिषद में फेरबदल की अटकलों ने फिर जोर पकड़ लिया है. प्रधानमंत्री मोदी अपने तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष अगले सप्ताह नौ जून को पूरे करने जा रहे हैं. अगर उनके अब तक के कार्यकाल में किए गए मंत्रिमंडल विस्तारों को देखा जाए तो इस बात की संभावना जोर पकड़ रही है कि आने वाले दिनों में मोदी मंत्रिपरिषद में फेरबदल हो सकता है. अगले साल पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अटकलें लगाई जा रही हैं कि प्रधानमंत्री मोदी इन्हें ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार करेंगे.
किन राज्यों में होने वाले हैं चुनाव
अगले साल पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मणिपुर, गोवा, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. इनमें हिमाचल प्रदेश और पंजाब को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं. जिस तरह से पंजाब से आने वाले केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को फिर से राज्यसभा सीट नहीं देने का फैसला किया गया है, उससे संकेत मिल रहा है कि पंजाब से किसी अन्य चेहरे को मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है. पंजाब से आने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पार्टी के केंद्रीय महासचिव तरुण चुघ को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने का फैसला किया गया है.
किन राज्यों के नेताओं को फायदा
उत्तर प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों पर इस साल के अंत में चुनाव होना है. जबकि अगले साल की शुरूआत में यूपी में विधानसभा चुनाव होगा. उसी के साथ उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर के भी चुनाव कराए जाएंगे. जबकि अगले साल के अंत में गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा के चुनाव होंगे. संभावना है कि मंत्रिपरिषद फेरबदल में इन राज्यों से कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है. कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाए जाने या फिर उनके विभाग बदलने की भी संभावना है. हाल की मंत्रिपरिषद बैठक में कैबिनेट सचिव ने सभी मंत्रालयों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया था. इसमें जन शिकायत के समाधान और सुधारों को लेकर पांच सबसे बेहतरीन मंत्रालयों के नाम भी बताए गए थे. फाइलों को निपटाने में लगने वाले समय और अदालतों में लंबित मामलों को लेकर भी मंत्रालयों को कसौटी पर कसा गया था. माना जा रहा है कि मंत्रिपरिषद में फेरबदल में यह आकलन एक बड़ी भूमिका निभाएगा.
इन नेताओं की हो सकती है छुट्टी
माना जा रहा है कि मोदी मंत्रिपरिषद में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, क्योंकि वहां बीजेपी ने पहली बार सरकार बनाई है. इसी तरह बिहार से कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाकर नए चेहरों को जगह मिलने की संभावना है. उत्तर प्रदेश से भी कुछ नए चेहरे आ सकते हैं. सूत्रों के अनुसार सहयोगी दलों का कोटा फिलहाल मौजूदा स्तर पर ही रहेगा. यानी सहयोगी दलों से कोई नया मंत्री बनाए जाने की संभावना नहीं है. सत्तर वर्ष के अधिक उम्र के कुछ मंत्रियों की छुट्टी होने की संभावना है. कुछ मंत्रियों को पार्टी संगठन में भेजे जाने की भी चर्चा है. कहा जा रहा है कि इस बार मंत्रिपरिषद का फेरबदल बड़े स्तर पर होगा, जिसमें कई चौंकाने वाले नाम हो सकते हैं.
कब करते हैं पीएम मोदी मंत्रिपरिषद में बदलाव
पिछले महीने की 26 तारीख को केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली सरकार बने 12 वर्ष पूरे हो चुके हैं. जबकि 9 जून को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने जा रहे हैं. पिछले कार्यकालों के अनुभव पर नजर डालें तो प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में सरकार बनने के छह महीने बाद, नवंबर 2014 में मंत्रिमंडल का पहला विस्तार किया था. इसके बाद जुलाई 2016 और सितंबर 2017 में दो और विस्तार किए गए थे, जिनमें कई मंत्रियों को पदोन्नत किया गया था.दूसरे कार्यकाल में जुलाई 2021 में, यानी सरकार बनने के लगभग दो साल बाद पहला बड़ा विस्तार हुआ, जबकि मई 2023 में विभागों में फेरबदल किया गया था. 9 जून 2024 को तीसरी बार शपथ लेने वाले प्रधानमंत्री मोदी के मौजूदा कार्यकाल के दो साल पूरे होने वाले हैं, ऐसे में मंत्रिपरिषद में बदलाव की चर्चाएं स्वाभाविक रूप से तेज हो गई हैं.
ये भी पढ़ें-
राहुल गांधी के आर्थिक सुनामी वाले बयान पर बीजेपी का 7.7 फीसदी जीडीपी ग्रोथ से जवाब
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं