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मोदी कैबिनेट ने दी इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी, वैश्विक संकट में उद्योगों को मिलेगी राहत

मोदी कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी दी है. इसके साथ ही कृषि, तकनीक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए बड़े बजटीय प्रावधान किये गए हैं.

मोदी कैबिनेट ने दी इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी, वैश्विक संकट में उद्योगों को मिलेगी राहत
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
New Delhi:

केंद्र सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक संकट में आत्मनिर्भर बनाने को लेकर बड़ा फैसला लिया है. इसके लिए मोदी कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 को मंजूरी दी है. यह योजना वैश्विक संकट में भारतीय उद्योगों को राहत प्रदान करेगी. मोदी कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने कृषि, तकनीक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए बड़े बजटीय प्रावधान किये हैं.

क्या है इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 योजना

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 के बारे में उन्होंने बताया कि पश्चिमी एशिया की स्थिति को देखते हुए घरेलू उद्योगों खासकर MSME के लिए यह योजना बनाई गई है. जिससे सुनिश्चित होगा कि वैश्विक संकट के दौरान भारतीय उद्योगों को नकदी की समस्या नहीं हो साथ ही उनकी उत्पादन क्षमता प्रभावित न हो. इस योजना का उद्देश्य है कि  नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) द्वारा व्यावसायिक उधारकर्ताओं को MSME के लिए 100 प्रतिशत और Non-MSME के साथ एयरलाइन क्षेत्र के लिए 90 प्रतिशत की क्रेडिट गारंटी कवरेज प्रदान हो सके. जिससे नकदी की समस्या से निपटने के लिए उधारकर्ता को दी गई अतिरिक्त ऋण सुविधा के तहत डिफ़ॉल्ट राशि को कवर किया जा सके.

आधुनिक जहाज मरम्मत की सुविधा विकसित की जाएगी

कैबिनेट ने गुजरात के वडीनार में 1570 करोड़ रुपये की लागत से एक जहाज मरम्मत सुविधा को मंजूरी दी गई है. जिसमें आधुनिक जहाज मरम्मत की सुविधा विकसित की जाएगी. ऐसे में भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय जहाजों को मरम्मत के लिए दूसरे देश के डॉकयार्ड पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इसके साथ ही विदेशी करेंसी की बचत भी होगी.

ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनेगा भारत

मोदी कैबिनेट ने 3,900 करोड़ रुपये से अधिक के कुल निवेश से दो और सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाईयों को मंजूरी दी गई है. यह भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में सरकार का प्रयास है. इस परियोजना को क्रिस्टल और सुचि नाम दिया गया है. 

क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड (CML) गुजरात के धोलेरा में मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले मॉड्यूल के निर्माण के लिए मिश्रित सेमीकंडक्टर निर्माण और एटीएमपी के लिए एक एकीकृत सुविधा स्थापित करेगी.

सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड (SSPL) गुजरात के सूरत में डिसक्रेट सेमीकंडक्टर के निर्माण के लिए एक आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OST) सुविधा स्थापित करेगी.

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