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भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता, विदेश मंत्रालय ने बताया PM मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से क्या बात की

मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के बीच विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से बात की है.

भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता,  विदेश मंत्रालय ने बताया PM मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से क्या बात की

मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी देशों में रह रहे करीब एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने पश्चिम एशिया के देशों के साथ अपना संपर्क जारी रखा है. प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान में अपने समकक्ष से बात की है.  PM ने वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की है. हमारी नीति बातचीत और कूटनीति की है और स्थिति का समाधान इन्हीं तरीकों से होना चाहिए. भारत के विदेश मंत्री ने भी ईरानी विदेश मंत्री से बातचीत की.

मिडिल ईस्ट में भारत के 24 जहाज

वहीं शिपिंग मंत्रालय के राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि, 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में और फारसी खाड़ी में भारत के झंडे वाले 24 जहाज हैं, जिन पर कुल 677 भारतीय नाविक सवार हैं. यह संख्या कल जितनी ही है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में, ओमान की खाड़ी में, पहले चार जहाज थे. कल उनमें से एक तेल टैंकर उस क्षेत्र से रवाना हो गया. इसके बाद अब उस क्षेत्र में भारत के झंडे वाले तीन जहाज बचे हैं, जिन पर 76 भारतीय नाविक सवार हैं. इसके अलावा, पूरे खाड़ी क्षेत्र में, लगभग 23,000 भारतीय नाविक विभिन्न जहाजों पर काम कर रहे हैं. इनमें व्यापारिक जहाज और ऑफशोर जहाज शामिल हैं. शिपिंग महानिदेशालय अपनी-अपनी संबंधित एजेंसियों के माध्यम से उन सभी के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है.'

'भारतीयों की सुरक्षा सबसे अहम'

प्रेस ब्रीफिंग में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने बताया कि हमें खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लगभग 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा की चिंता है. हम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार संपर्क में हैं. हम वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ भी संपर्क में हैं. मृत भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर को लाने और उन्हें सुरक्षित रूप से वापस भेजने के लिए, हमारी मिशन टीम हर संभव सहायता प्रदान कर रही है.

'LPG की कमी नहीं'

मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने LPG गैस संकट पर स्थिति साफ की. उन्होंने बताया कि सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीज़ल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. LPG  हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है. हालांकि हमारे 25,000 डिस्ट्रीब्यूटर में से किसी के भी पास स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक में खरीदारी करने से बचें.

उन्होंने कहा, 'घरेलू परिवारों को बिना किसी रुकावट के सप्लाई सुनिश्चित की गई है. इसी तरह अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को भी LPG की सप्लाई दी जा रही है. LPG का घरेलू उत्पादन 30% बढ़ गया है. 5 मार्च की तुलना में हमारी रिफाइनरियां अभी 30% ज़्यादा LPG का उत्पादन कर रही हैं. कमर्शियल सिलेंडरों का विषय राज्य सरकारों के हवाले कर दिया गया है ताकि प्राथमिकता के आधार पर वितरण में आसानी हो. हम राज्य सरकारों से अनुरोध कर रहे हैं कि वे प्राथमिकता के मानदंड तय करें और यह सुनिश्चित करें कि ये कमर्शियल सिलेंडर सही उपभोक्ताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचें.'

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