- मेरठ मेट्रो 13 स्टेशनों के बीच मोदीपुरम से मेरठ साउथ तक चलती है और 30 मिनट में सफर पूरा होगा
- मेट्रो की अधिकतम परिचालन गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा है और इसमें वातानुकूलित तीन डिब्बे शामिल हैं
- सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर हैं और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे तथा आपातकालीन अलार्म सिस्टम हैं
मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज रफ्तार वाली मेट्रो सेवा है, जो आज से मोदीपुरम से मेरठ साउथ तक 13 स्टेशनों के बीच 23 किलोमीटर के ट्रैक पर दौड़ेगी. करीब 13 हजार करोड़ रुपये से बनी मेरठ मेट्रो पूरा सफर महज 30 मिनट में तय करेगी. इसकी अधिकतम स्पीड 120 किलोमीटर तक होगी. दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इसे हरी झंडी दिखाई. वहीं 82.15 किलोमीटर लंबा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर आज से पूरा हो गया,जो दिल्ली के सराय काले खान को यूपी के मोदीपुरम तक रहेगा. दिल्ली में सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच 5 किलोमीटर का खंड आज से चालू हो गया.
- 23 किमी लंबा मेट्रो का कॉरिडोर
- 18 किमी एलिवेटेड, 5 किमी भूमिगत
- 13 स्टेशन मेरठ मेट्रो के रूट पर
- 30 मिनट में पूरा होगा 13 स्टेशनों का सफर
मेरठ मेट्रो ट्रेन का कोच कैसा
- ट्रेन के सभी कोच पूरी तरह एयर कंडीशन हैं
- इनमें सामान रखने के लिए राजधानी-शताब्दी जैसे रैक
- पकड़ने के लिए हैंड-ग्रैब
- हर कोच में कोने-कोने पर सीसीटीवी कैमरे
- मोबाइल चार्ज करने के लिए यूएसबी पोर्ट
- डायनेमिक रूट मैप जैसी कई सुविधाएं हैं.
मेरठ मेट्रो की खासियत
मेरठ मेट्रो के 3 कोच : मेरठ मेट्रो में गद्देदार सीटें हैं. एक ट्रेन में 173 सीटें हैं और 700 अधिकतम यात्री सफर करेंगे.
प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर: सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाए गए हैं. ये मेट्रो डोर के साथ खुलेंगे और बंद होंगे.
सुरक्षा व्यवस्था: ट्रेन में इमरजेंसी अलार्म सिग्नल, अग्निशमन यंत्र, अलार्म और टॉक-बैक सिस्टम हैं.
आरक्षित सीटें: हर कोच में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आरक्षित सीटें दी गई हैं.
दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था
मेरठ मेट्रो के स्टेशन और कोच दोनों ही दिव्यांगों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए खास सुविधा देंगे. इमरजेंसी के लिए स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की जगह है. स्टेशन पर व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के साथ आरामदायक लिफ्ट रहेगी.
मेरठ मेट्रो का किराया कितना?
मेट्रो का किराया दूरी के आधार पर तय होगा. सबसे कम न्यूनतम किराया 20 रुपये और सबसे अधिक 60 रुपये 12 स्टेशनों के सफर के लिए देना होगा. मेरठ मेट्रो सुबह 6 से रात 10 तक चलेगी.
मेरठ मेट्रो -सबसे तेज स्पीड वाली मेट्रो
डिजाइन स्पीड: 135 किमी प्रति घंटा
अधिकतम परिचालन गति: 120 किमी प्रति घंटा
यात्रा समय: 21 किमी की दूरी लगभग 30 मिनट में तय की जाएगी
कुल कॉरिडोर: 16 किमी एलिवेटेड ट्रैक और 7 किमी भूमिगत ट्रैक
23 किमी के इस कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन हैं

Meerut Metro
मेरठ मेट्रो के 9 एलिवेटेड स्टेशन
मेरठ मेट्रो के 9 स्टेशन एलिवेटेड हैं. ये हैं मेरठ साउथ, प्रतापपुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम. जबकि तीन भूमिगत स्टेशन - मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल हैं. मोदीपुरम डिपो एक एट-ग्रेड स्टेशन है.
मेरठ मेट्रो के अंडरग्राउंड 4 स्टेशन
मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम - नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों ट्रेनों के लिए उपलब्ध होंगे.

मेरठ मेट्रो की टाइमिंग
पीक आवर्स के दौरान, ट्रेनें हर 5 से 10 मिनट में चलेंगी। ऑफ-पीक आवर्स में, ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी 10 से 15 मिनट होगी.
मेरठ मेट्रो कब-कब चलेगी
मेरठ मेट्रो शनिवार को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक और रविवार को सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक सेवाएं उपलब्ध रहेंगी. यात्री एक ही टिकट से नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों में यात्रा कर सकते हैं.
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मेरठ मेट्रो की यात्री सुविधाएं
मेरठ मेट्रो की ट्रेनें तीन डिब्बों वाली है. इनमें सीधे और लेटरल दोनों प्रकार की सीटें होती हैं. प्रत्येक ट्रेन 700 से अधिक यात्रियों को ले जा सकती है, जिसमें 173 सीटों की व्यवस्था है.

मेरठ मेट्रो की खासियत (Meerut Metro Key features)
वातानुकूलित डिब्बे
गद्दीदार सीटें
सामान रखने के रैक और पकड़ने के हैंडल
सीसीटीवी कैमरे
यूएसबी मोबाइल चार्जिंग पॉइंट
लाइव रूट मैप
आपातकालीन अलर्ट सिस्टम और अलार्म
अग्नि बुझाने वाले यंत्र और टॉक-बैक सिस्टम

मेरठ मेट्रो का ट्रेवल टाइम
- सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन दरवाजे लगाए जाएंगे और उन्हें ट्रेन संचालन के साथ सिंक्रनाइज़ किया जाएगा.
- पुश बटन के माध्यम से चुनिंदा दरवाजे खोलने से ऊर्जा की खपत कम करने में मदद मिलेगी
- प्रत्येक कोच में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित सीटें होंगी
- स्टेशन और ट्रेनें सार्वभौमिक पहुंच को ध्यान में रखकर डिज़ाइन की गई हैं
- इनमें व्हीलचेयर और मेडिकल स्ट्रेचर के लिए जगह के साथ-साथ विशाल लिफ्ट भी शामिल हैं.
- ट्रेनों का बाहरी रंग हरा, नीला और नारंगी है

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मेरठ मेट्रो टाइमलाइन: मेरठ प्रोजेक्ट रिपोर्ट RRTS द्वारा 2016 में तैयार की गई और यूपी सरकार को सौंपी गई. प्रधानमंत्री मोदी ने 8 मार्च 2019 को इसकी आधारशिला रखी. पहला ट्रायल 12 जनवरी, 2025 को मेरठ दक्षिण और मेरठ मध्य के बीच हुआ.
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की टाइमलाइन: पीएम मोदी ने पूरे 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का लोकार्पण किया. इसमें दिल्ली में सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच 5 किलोमीटर का खंड आज चालू हुआ है.
नमो भारत की स्पीड
नमो भारत ट्रेनों की डिज़ाइन गति 180 किमी प्रति घंटा है और ये साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों को दिल्ली से जोड़ती हैं. कॉरिडोर का आरंभिक स्टेशन सराय काले खान भी चालू होने वाले स्टेशनों में से एक है.

नमो भारत और मेरठ मेट्रो में अंतर
मेरठ खंड में दोनों सेवाएं एक ही ट्रैक पर चलती हैं, लेकिन स्पीड, कोच और सुविधाएं अलग हैं. नमो भारत ट्रेनें शहरों के बीच यात्रा के लिए डिज़ाइन की गई हैं. इनकी डिज़ाइन गति 180 किमी प्रति घंटा, अधिकतम परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटा और औसत गति लगभग 90 किमी प्रति घंटा है. यह सेवा दिल्ली को गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख केंद्रों से कम स्टॉप और तेज़ यात्रा के साथ जोड़ती है.
मेरठ मेट्रो की स्पीड
मेरठ मेट्रो शहर के भीतर मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम डिपो तक 23 किमी के कॉरिडोर पर चलती है. इसकी डिज़ाइन गति 135 किमी प्रति घंटा और परिचालन गति 120 किमी प्रति घंटा है. 21 किमी की दूरी लगभग 30 मिनट में तय की जा सकती है.
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