पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है. हालांकि, इसकी तस्दीक नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार के ऐलान से ही साफ हो गया था, मगर आज ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में शुमार कुणाल घोष पूरी तस्वीर साफ कर दी. उन्होंने साफ किया है कि तृणमूल कांग्रेस अब कांग्रेस में विलय के लिए तैयार है.
"पुरानी बातें छोड़िए"
कुणाल घोष ने एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी की TMC विपक्ष के गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा, इस पर बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है. NDTV के साथ एक खास बातचीत में TMC नेता कुणाल घोष ने संकेत दिया कि कांग्रेस के साथ औपचारिक विलय पर बातचीत चल रही है. कुणाल घोष ने कहा, "पुरानी बातें छोड़िए, हम नए सिरे से बातचीत शुरू करने के लिए तैयार हैं. ममता बनर्जी सभी फैसलों पर विचार कर रहीं हैं. नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार को ममता बनर्जी का समर्थन एक राजनीतिक फैसला है."
"BJP देश के लिए खतरा"
एनडीटीवी ने कुणाल घोष से पूछा कि पहले TMC ने मांग की थी कि ममता बनर्जी INDIA ब्लॉक का चेहरा बनेंगी. क्या वे अब विपक्ष के चेहरे के तौर पर कांग्रेस को स्वीकार करने को तैयार हैं? कुणाल घोष ने कहा, "आइए पुरानी बातों को भूल जाएं और व्यावहारिक स्थिति पर चर्चा करें. BJP देश के लिए खतरा बन गई है. व्यावहारिक स्थिति को ध्यान में रखकर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा. देश भर की सभी पार्टियां BJP के खिलाफ एकजुट होने को तैयार हैं."
नंदीग्राम का रण छोड़ना पहला कदम
कुणाल घोष के इस बयान से साफ हो गया कि ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने का मन बना लिया है. AITC/TMC) का गठन 1 जनवरी 1998 को हुआ था. इसके बाद पहला विधानसभा चुनाव ममता बनर्जी की पार्टी ने 2001 में लड़ा मगर इस सीट पर सीपीआई के शेख मोहम्मद इलियास जीत गए. 2006 में सीपीआई ही जीती. मगर 2009 के उपचुनाव और फिर 2011 के चुनाव में टीएमसी यहां से लगातार जीती. 2016 में टीएमसी से ही सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम से चुनाव लड़े और जीते. इसके बाद वो बीजेपी में आ गए. 2021 में खुद ममता बनर्जी यहां से चुनाव लड़ने पहुंच गईं मगर सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें हराकर बीजेपी को जीत का पहला स्वाद यहां से चखाया. फिर 2026 में भी सुवेंदु अधिकारी यहां से टीएमसी को हराकर जीते, मगर उनकी तरफ से ये सीट छोड़ने की वजह से अब यहां उपचुनाव हो रहा है. ऐसे में टीएमसी का यहां से चुनाव नहीं लड़कर कांग्रेस को सीट देना ही विलय की बात को कंफर्म कर रहा है.
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