Trump 100% Tariff:अमेरिका की ओर से भारत से आयात होने वाली चीजों पर 100% टैरिफ का बिल पास किए जाने के बाद भारतीय उद्योग जगत में हड़कंप मच गया है. व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने चेतावनी दी है कि इस कदम से देश में करीब 10 लाख लोगों के रोजगार पर सीधा संकट पैदा हो सकता है. उन्होंने बताया कि इस फैसले का असर टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट, केमिकल, फार्मा, सीफूड और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे बड़े सेक्टरों पर बुरी तरह पड़ेगा.
बढ़े हुए टैरिफ के कारण भारतीय माल अमेरिका में दूसरे देशों के मुकाबले 40% तक महंगा हो जाएगा, जिससे वहां के खरीदार भारत को छोड़कर अन्य देशों का रुख करेंगे. सीटीआई के मुताबिक, इससे भारत का 50 अरब डॉलर से ज्यादा का निर्यात सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है.
किस सेक्टर से कितना निर्यात करता है भारत?
सीटीआई के महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा के मुताबिक, अमेरिका भारतीय सामानों का एक बहुत बड़ा खरीदार है. भारत अपने कुल निर्यात में से 53% फार्मास्युटिकल, 53% वस्त्र एवं परिधान (टेक्सटाइल), 37% रत्न और आभूषण (जेम्स एंड ज्वेलरी), 28% ऑटो कंपोनेंट, 13% केमिकल और 22% सीफूड केवल अमेरिका को ही भेजता है. इस समय व्यापारियों में इस बात को लेकर भी कन्फ्यूजन बना हुआ है कि जिन कंपनियों ने पहले से ऑर्डर ले रखे हैं या जिनका माल रास्ते में है और पहुंचने में समय लगेगा, उनके शिपमेंट का क्या होगा.
जानिए किस सेक्टर पर कैसा पड़ेगा 100% टैरिफ का असर?
इंजीनियरिंग गुड्स: 30-40% गिर सकता है एक्सपोर्ट
भारत ने 2024 में अमेरिका को 1.7 लाख करोड़ रुपये के इंजीनियरिंग गुड्स (स्टील प्रॉडक्ट्स, मशीनरी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स) भेजे थे, जिन पर पहले 10% टैरिफ लगता था. ऐसे में 100 डॉलर का सामान वहां 110 डॉलर में बिकता था. अब 100% टैरिफ के बाद यही सामान 200 डॉलर में बिकेगा, जिससे इसके निर्यात में 30 से 40% तक की भारी गिरावट आ सकती है.
टेक्सटाइल और जेम्स-ज्वेलरी: दोगुना हो जाएगा दाम
जेम्स एंड ज्वेलरी पर पहले 10% टैरिफ था और भारत ने पिछले साल 90 हजार करोड़ रुपये का निर्यात किया था. वहीं, टेक्सटाइल पर 10% टैरिफ को बाद में बढ़ाकर 50% किया गया था. अब दोनों पर 100% टैरिफ होने से कारोबार बेहद मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि 100 डॉलर का माल सीधे 200 डॉलर का हो जाएगा.
इलेक्ट्रॉनिक्स: 200 डॉलर का पड़ेगा 100 डॉलर वाला फोन
पिछले साल भारत ने अमेरिका को 1.25 लाख करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स भेजे थे, जिन पर महज 0.41% टैरिफ लगता था. इससे 100 डॉलर का स्मार्टफोन 100.41 डॉलर का पड़ता था, लेकिन नए नियमों के बाद यही फोन 200 डॉलर का पड़ेगा, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित होगा.
फार्मा सेक्टर: वियतनाम से मिलेगी कड़ी टक्कर
भारत ने अमेरिका को 92 हजार करोड़ रुपये की दवाइयों का निर्यात किया था, जिस पर अब तक 0% टैरिफ था. अब 100% टैरिफ लगने से 100 डॉलर की दवा 200 डॉलर की हो जाएगी. चूंकि वियतनाम भी अमेरिका को दवाओं का बड़ा सप्लायर है, इसलिए भारतीय दवा कारोबारियों को वियतनाम से कड़ी चुनौती मिलेगी. कई बड़ी कंपनियों के सामान भेजने के कारण लाखों नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं.
CTI चेयरमैन की PM मोदी से मांग: भारत भी लगाए 100% जवाबी टैरिफ
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने मांग की है कि जर्मनी, ब्रिटेन, सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों में इंजीनियरिंग गुड्स की मांग तेजी से बढ़ रही है, इसलिए सरकार को अमेरिका के बजाय इन देशों में निर्यात के नए विकल्प तलाशने चाहिए.
उन्होंने कहा कि मिनरल्स, महंगे रत्न, आभूषण, सिक्के, मेटल्स, न्यूक्लियर रिएक्टर्स, हवाई जहाज के उपकरण, इलेक्ट्रिकल और ऑप्टिकल उपकरण, प्लास्टिक, केमिकल, नट्स, ड्राईफ्रूट्स, आयरन और स्टील जैसे सामान बड़े पैमाने पर अमेरिका से भारत आते हैं. भारत को इन चीजों के लिए अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए और तुरंत दूसरे देशों के विकल्प खोजने चाहिए.
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