Maharashtra Political Crisis : महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच शिवसेना के ठाकरे गुट औऱ एकनाथ शिंदे के बागी गुट के बीच टकराव तेज हो गया है औऱ सुलह की संभावनाएं धूमिल पड़ती नजर आ रही हैं. शिवसेना के ठाकरे कैंप ने एकनाथ शिंदे समेत 12 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका डिप्टी स्पीकर को दी है. वहीं एकनाथ शिंदे ने ट्वीट कर कहा, वो किसी डराने की कोशिश कर रहे हैं, कानून के बारे में उन्हें भी जानकारी है. इस बीच दो और विधायकों के जुड़ने से बागी एकनाथ शिंदे गुट की ताकत बढ़ती जा रही है और सीएम उद्धव ठाकरे की स्थिति कमजोर हो रही है.गुरुवार को दो और शिवसेना विधायक गुवाहाटी पहुंचकर बागी गुट के साथ जुड़ गए हैं और शिवसेना के ही कुल विधायकों की संख्या 40 के करीब पहुंच चुके हैं. वहीं शिवसेना के ठाकरे कैंप ने एकनाथ शिंदे समेत बागी गुट के 12 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की अर्जी डिप्टी स्पीकर को दी है. वहीं शरद पवार ने कहा है कि अगर बहुमत की बात आती है तो विधानसभा में शक्ति परीक्षण से ही यह तय होगा. राज्य के लगातार बदल रहे घटनाक्रम को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस ने गुरुवार को अपने-अपने विधायकों की बैठक बुलाई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की ओर से बुलाई गई बैठक में सीएम उद्धव ठाकरे के प्रति पूरा समर्थन जताया गया. एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा, " महाराष्ट्र मे जो कुछ राजनीतिक परिस्थिति निर्माण हुई है उसमें हम उद्धव ठाकरे के साथ पूरी तरह से खड़े हुए हैं." इससे पहले, शिवसेना नेता संजय राउत ने पार्टी के बागी विधायकों से कहा है कि वे 24 घंटे में वापस आए जाएं. संजय राउत ने बागी नेताओं को आश्वासन देते हुए कहा कि वे महाविकास अघाड़ी से निकलने पर विचार करेंगे. वहीं शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के खेमे में पार्टी विधायकों की संख्या बढ़ती जा रही है. 'बता दें कि दलबदल विरोधी कानूनों के तहत अयोग्यता का सामना किए बिना पार्टी तोड़ने के लिए शिंदे को 37 शिवसेना विधायकों की जरूरत थी. जो कि पूरी हो गई है.
इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ठाकरे के विरुद्ध मालाबार हिल पुलिस थाने में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है. बग्गा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के विरुद्ध कथित तौर पर कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़ने को लेकर शिकायत करवाई है. ठाकरे कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और वे मुंबई में अपने आधिकारिक आवास से व्यक्तिगत आवास की ओर जाते हुए समर्थकों से मिले थे.