- नागपुर के सरकारी छात्रावास की छात्रा ने मुख्यमंत्री फडणवीस को कूलर न होने की शिकायत पत्र के माध्यम से की थी
- शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और छात्रावास में कूलर लगाने की व्यवस्था की गई थी
- छात्रा को छात्रावास खाली करने का नोटिस दिया गया क्योंकि आरोप है कि वह पूर्णकालिक नौकरी कर रही है
महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक सरकारी छात्रावास की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कूलर की व्यवस्था नहीं होने संबंधी पत्र लिखने के कुछ दिन बाद उसे कमरा खाली करने के लिए कहा गया. हालांकि, संबंधित विभाग ने फिलहाल इस कार्रवाई पर रोक लगा दी है.छात्रावास का संचालन करने वाले सामाजिक न्याय विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि छात्रा के खिलाफ की गई कार्रवाई को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है. अधिकारी ने कहा कि आरोप है कि छात्रा किसी कंपनी में काम कर रही है, जबकि छात्रावास केवल विद्यार्थियों के लिए है. इस मामले की जांच की जाएगी.
सीएम फडणवीस से की थी कूलर न होने की शिकायत
अमरावती निवासी आकांक्षा उके ने मीडिया को बताया कि वह जनवरी से क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले सरकारी छात्रावास में रह रही हैं. अप्रैल में उन्होंने और कुछ अन्य छात्राओं ने भीषण गर्मी को देखते हुए छात्रावास प्रशासन और सामाजिक न्याय विभाग से कूलर लगाने या खुद कूलर की व्यवस्था करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था.
-
राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस... निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया नया फॉर्मूला -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026: अप्रेजल और शादी के जिक्र पर क्या बोले निखिल कामत? -
AI नहीं खा सकता आपकी नौकरी, बस करना होगा ये काम, टेक दिग्गज Andrew Ng ने किया दावा -
NDTV World Summit 2026: भारत की Growth Story पर निखिल कामत का नजरिया, AI को लेकर क्या दी चेतावनी? -
NDTV World Summit 2026:निखिल कामत ने देश की तरक्की के लिए बताया फॉर्मूला, राज्यों के CM के बीच हो CEO जैसी रेस -
"AI को वैसा पुराना कंप्यूटर मत समझो..." स्वामी सर्वप्रियानंद ने चेतावनी -
NDTV World Summit 2026: बॉलीवुड से ग्लोबल स्टेज तक, Mohini Dey के 20 साल के सफर की अनसुनी बातें -
कार की सर्विस समय पर कराते हैं, शरीर की क्यों नहीं? लीलावती अस्पताल के ट्रस्टी की काम की सलाह -
क्या AI इस जमाने का असुर है? न्यू यॉर्क वेदांत सोसाइटी के रेजिडेंट मिनिस्टर स्वामी सर्वप्रियानंद ने दिया जवाब -
'खुशनसीब हूं कि भारत में पैदा हुई, जहां मस्जिद और मंदिर एक साथ मौजूद हैं', NDTV वर्ल्ड समिट 2026 में मोहिनी डे
उन्होंने कहा कि जब छात्रावास प्रबंधन ने सकारात्मक जवाब नहीं दिया, तब उन्होंने 28 अप्रैल को 80 छात्राओं के हस्ताक्षर के साथ मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर समस्या से अवगत कराया. उके ने बताया कि चार-पांच दिनों के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से प्रतिक्रिया आई और छात्रावास में कूलर लगा दिए गए. उन्होंने कहा कि जब पांच मई को फडणवीस नागपुर आए, तब उन्होंने पांच अन्य छात्राओं के साथ उनसे मुलाकात कर धन्यवाद भी दिया था.
कूलर लगाने के बाद हॉस्टल खाली करने का नोटिस
हालांकि, 26 मई को उन्हें छात्रावास प्रशासन की ओर से एक पत्र मिला, जिसमें यह कहते हुए छात्रावास खाली करने को कहा गया कि वह पूर्णकालिक नौकरी कर रही हैं और छात्रा नहीं हैं. उके ने दावा किया कि वह एक स्थानीय कंपनी में इंटर्नशिप कर रही हैं और साथ ही एमबीए की पढ़ाई भी कर रही हैं.
हॉस्टल खाली करने पर फिलहाल रोक
स्थानीय मीडिया में इस बारे में खबरें आने के बाद नागपुर के संरक्षक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने संज्ञान लिया, जिसके बाद नोटिस पर रोक लगा दी गई. संपर्क करने पर सामाजिक न्याय विभाग की सहायक आयुक्त सुकेशिनी तेलगोटे ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि उके की परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए फिलहाल निष्कासन संबंधी पत्र रद्द कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि छात्रावास अधीक्षक से बातचीत में उन्हें बताया गया कि छात्रा ने कंपनी में कार्यरत होने के बावजूद छात्रावास में कमरा हासिल किया, जबकि इसकी अनुमति नहीं है. तेलगोटे ने कहा कि उके की वास्तविक स्थिति के बारे में कंपनी से जानकारी ली जाएगी और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इनपुट- भाषा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं