महाराष्ट्र FDA ने पुणे, नागपुर और ठाणे में मेसर्स कैडिला फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के CFA गोदामों के सेल्स और डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस कैंसिल कर दिए हैं. यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि कंपनी ने बाजार में एक जैसे ब्रांड नामों वाली दवाएं बेचीं. इनके नाम धोखे से Aciloc (जिसमें रैनिटिडीन है) और 'Aciloc +' (जिसमें फैमोटिडीन है) थे. इससे मरीजों, डॉक्टरों और डिस्ट्रीब्यूटर के लिए कन्फ्यूजन का गंभीर खतरा पैदा हो गया.
पैकेज साइज में थी गड़बड़ी
इंस्पेक्शन से पता चला कि जब पुणे के होलसेलर ने Aciloc 150/300 (रैनिटिडीन) का ऑर्डर दिया, तो उन्हें असल में Aciloc+ 150/300 (फैमोटिडीन) सप्लाई किया गया था. नियमों के तहत जरूरी पैक साइज 14 टैबलेट था, लेकिन Aciloc+ को बिना इजाजत 30 और 20 टैबलेट के पैक साइज में बांटा जाता पाया गया.
गुजरात में भी हुई थी कार्रवाई
गुजरात FDA ने सितंबर 2026 में फैमोटिडाइन टैबलेट (20mg/40mg) के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस कैंसिल कर दिए थे. इसके बावजूद कैडिला ने शो-कॉज कार्रवाई के दौरान महाराष्ट्र में बिना इजाजत बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन जारी रखा. यह कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर हुई सुनवाई के बाद महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंधे की लीडरशिप में की गई.
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