महाराष्ट्र: कांग्रेस-NCP और शिवसेना की बातचीत जारी, सरकार गठन की अंतिम रूपरेखा पर हो रही चर्चा

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर मुंबई के नेहरू सेंटर में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की बैठक जारी है.

महाराष्ट्र: कांग्रेस-NCP और शिवसेना की बातचीत जारी, सरकार गठन की अंतिम रूपरेखा पर हो रही चर्चा

बैठकों का दौर जारी

खास बातें

  • महाराष्ट्र: कांग्रेस-NCP और शिवसेना की बातचीत जारी
  • सरकार गठन की अंतिम रूपरेखा पर हो रही चर्चा
  • बैठक में एनसीपी और कांग्रेस के कई नेता मौजूद
महाराष्ट्र:

सरकार गठन को लेकर मुंबई के नेहरू सेंटर में शिवसेना (Shiv Sena), एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) की बैठक जारी है. इस बैठक में एनसीपी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar), शिवसेना के पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे, अजीत पवार, जयंत पाटिल, एकनाथ शिंदे और संजय राउत मौजूद हैं. कांग्रेस की ओर से अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल और मल्लिकार्जुन खड़गे बैठक में शामिल हैं. इस अहम बैठक में सरकार गठन की अंतिम रूपरेखा तय होनी है. इस अहम बैठक के अलावा भी आज सरकार बनाने को लेकर अलग-अलग बैठकें भी हुई हैं. एक ओर शिवसेना नेता संजय राउत का कहना है कि Congress-NCP के साथ सहमति बन गई है और पांच साल शिवसेना का ही मुख्यमंत्री रहेगा.

महाराष्ट्र महापौर चुनाव: शिवसेना-कांग्रेस-NCP ने किया भाजपा से बेहतर प्रदर्शन, जानें कहां किसको मिली जीत

लेकिन एनसीपी के दो वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और नवाब मलिक ने कहा है कि 5 साल सीएम पर कोई बात नहीं हुई है. छगन भुजबल ने कहा है कि अभी बहुत बात होनी बाकी है. कुल मिलाकर अब इन दो बयानों से साफ जाहिर हो रहा है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना की गठबंधन वाली सरकार बनने में अभी कोई पेंच फंसे हुए हैं.

दूसरी ओर मुंबई में शिवसेना विधायकों की बैठक हुई. मिल रही जानकारी के मुताबिक उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों से कहा है कि मुख्यमंत्री तो शिवसेना की बनेगा. वहीं विधायकों की मांग है कि उद्धव ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने. बैठक में उद्धव के अलावा किसी और नाम की चर्चा नहीं हुई है.

महाराष्ट्र में जनादेश का अपमान कर छद्म राजनीति खेली जा रही है : BJP

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर बहुमत का 145 का आंकड़ा पार कर लिया था. लेकिन शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले की मांग रख दी जिसके मुताबिक ढाई-ढाई साल सरकार चलाने का मॉडल था. शिवसेना का कहना है कि बीजेपी के साथ समझौता इसी फॉर्मूले पर हुआ था लेकिन बीजेपी का दावा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ. इसी लेकर मतभेद इतना बढ़ा कि दोनों पार्टियों की 30 साल पुरानी दोस्ती टूट गई.