अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी की बात सामने आने से सबसे ज्यादा आहत साधु-संत समाज नजर आ रहा है. NDTV से खास बातचीत में श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के महंत आचार्य धर्मदास महाराज ने इस मुद्दे को उठाने के लिए समाजवादी पार्टी का धन्यवाद देते हुए कहा कि जब मंदिर चलाने का काम आयोग्य लोगों को दिया गया, तो ऐसा ही होना था. ये जिसका काम था, उसी को दिया जाना चाहिए था.
काम अयोग्य लोगों को मिला
राम मंदिर में आखिर कैसे चढ़ावा चोरी हो गया, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? महंत धर्मदास ने इस पर कहा, 'ऐसा है कि अगर अयोग्य व्यक्तियों को मंदिर के संचालन का काम सौंपा जाएगा, तो ऐसा ही होना था. चढ़ावे की गिनती के लिए ऐसे लोगों को रखा गया, जिनका वो काम नहीं था. इसलिए ये गड़गड़ी हुई है.'
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति सदस्य महंत धर्मदास ने कहा- 'अयोग्य लोगों का चयन किया गया'#RamMandir | @ranjanasingh95 pic.twitter.com/D0lUhid4WK
— NDTV India (@ndtvindia) June 30, 2026
चंपत राय ने पुलिस पूछताछ में कहा है कि चढ़ावे की हेराफेरी में उनकी भूमिका नहीं है, लेकिन माना है कि गड़बड़ी की जानकारी उन्हें मिल गई थी. इस पर महंत धर्मदास ने कहा, 'इस मामले में जिस किसी से भी गलती हुई है, उसका हिसाब रामजी कर देंगे. सब हनुमान जी और राम जी ठीक कर देंगे.सभी देशवासियों से मेरी अपील है कि राम जन्मभूमि चंदा चोरी विवाद पर शांति बनाए रहिए अपने आप सब काम हो जाएगा.'
भुलाई जा रही पुरानी परंपरा
महंत धर्मदास राम मंदिर ट्रस्ट से खुश नहीं हैं. वह कहते हैं कि पुरानी परंपराओं को अपनाया नहीं जा रहा है. उन्होंने कहा, 'राम जन्मभूमि के प्राचीन व्यवस्था को कायम करने के लिए ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होनी है. राम जन्मभूमि पर जैसे भगवान के समय पर पूजन पाठ, रामनवमी झूला उत्सव जो सेवा समिति करती थी, उसे सेवा समिति की तरफ से ही करना चाहिए. इसको प्राचीन बनाए रखा जाए. इसको कुछ लोग ठीक से नहीं होने देते, तो उसको ठीक करने की कोरिश की जाएगी. जो हम लोगों ने अनंत काल से परंपरा चल रही थी, बस वही चलना चाहिए.
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