- केंद्र सरकार ने देश में एलपीजी गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई तेज कर दी है.
- अब तक तीन हजार से अधिक स्थानों पर छापेमारी कर 1500 से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं.
- घरेलू एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए उत्पादन बढ़ाया गया और बुकिंग नियम बदले गए हैं.
Fuel Supply Government Action: देश में एलपीजी गैस की सुचारु आपूर्ति बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है. इसी अभियान के तहत पूरे देश में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है. सरकार ने बताया कि अब तक 350 से अधिक शो‑कॉज नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि 3,000 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी कर 1,500 से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं. इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े.
देशभर में 3,000 से ज्यादा छापेमारी
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एलपीजी की सप्लाई में गड़बड़ी की शिकायतों पर लगातार कार्रवाई जारी है. अब तक 3,000 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है और कई डिस्ट्रीब्यूटर्स से जवाब मांगा गया है. 1,500 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जिनमें अनियमितता की आशंका जताई गई थी.
ओएमसी ने भी किए सरप्राइज इंस्पेक्शन
सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने भी यह सुनिश्चित करने के लिए 1,500 से अधिक रिटेल आउटलेट्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स पर अचानक जांच की है कि कहीं गैस की कृत्रिम कमी तो नहीं बनाई जा रही है. ये इंस्पेक्शन पश्चिम एशिया के हालातों को लेकर हुई अंतर‑मंत्रालयी बैठक के बाद तेज किए गए.
घरेलू एलपीजी व पीएनजी सप्लाई को प्राथमिकता
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई सबसे पहले सुनिश्चित की जाएगी. अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य ज़रूरी सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी. इसके लिए रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है और बुकिंग नियमों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं, जिससे डिलीवरी में देरी न हो.
बयान में कहा गया है कि राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन जारी करने में तेजी दिखाएं. इससे एलपीजी पर दबाव कम होगा और गैस सप्लाई का प्रबंधन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा.
गैस और ईंधन की उपलब्धता को लेकर सरकार का भरोसा
सरकार ने बताया है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी न हो, इसके लिए सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं. कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार भी मौजूद है. लोगों से अपील की गई है कि वे घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी न करें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें. घरेलू मांग पूरी करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. इससे सिलेंडर सप्लाई की संभावित समस्या से निपटने में मदद मिलेगी.
एक्साइज ड्यूटी में कटौती और निर्यात पर नियंत्रण
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटाई है, ताकि उपभोक्ताओं पर बोझ कम हो. इसके अलावा, डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ के निर्यात पर 29.5 रुपये प्रति लीटर शुल्क लगाया गया है, ताकि देश में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध रहे.
घरेलू बाजार के लिए अनिवार्य आपूर्ति
सरकार ने घरेलू रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे अपने निर्यात किए जाने वाले पेट्रोल का कम से कम 50% और डीजल का 30% घरेलू बाजार में उपलब्ध कराएं. यह फैसला ईंधन आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए लिया गया है.
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