कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का पुणे में लंबी बीमारी के बाद 81 साल की उम्र में निधन हो गया. कलमाड़ी ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में की थी और बाद में राजनीति में कदम रखा. वे पुणे से सांसद रहे और नरसिंह राव सरकार में रेल राज्य मंत्री के पद पर कार्य किया.
खेल प्रशासन में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा. वे भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष भी रहे. हालांकि, 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उन्हें जेल जाना पड़ा था. बाद में वे सभी आरोपों से बरी हो गए.
सुरेश कलमाड़ी के बारे में विस्तार से जानें-
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सुरेश कलमाड़ी (Suresh Kalmadi) एक वरिष्ठ भारतीय राजनेता थे. वे लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे और पुणे से सांसद रहे. उन्हें सबसे ज़्यादा 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) घोटाले के कारण जाना गया.
सुरेश कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था.
6 जनवरी 2026 को पुणे में 81 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद सुरेश कलमाड़ी का निधन हो गया.
सुरेश कलमाड़ी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) के नेता थे.
सुरेश कलमाड़ी पुणे लोकसभा सीट से 4 बार सांसद चुने गए थे.
उनका नाम 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में सामने आया। वे आयोजन समिति के अध्यक्ष (OC Chairman) थे और उन पर भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और ठेकों में गड़बड़ी के आरोप लगे.
2011 में उन्हें गिरफ्तार किया गया. कई महीनों तक जेल में रहे. CBI और अन्य एजेंसियों ने जांच की. यह मामला देश के सबसे चर्चित घोटालों में शामिल रहा.
हां, सुरेश कलमाड़ी भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष भी रह चुके थे.
लगभग हां. घोटाले के बाद उनकी राजनीतिक साख को गहरा नुकसान पहुंचा और वे सक्रिय राजनीति से लगभग बाहर हो गए.
एक समय के प्रभावशाली नेता. लेकिन ज़्यादातर लोग उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले के मुख्य चेहरे के तौर पर याद करते हैं.
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