
- राजस्थान के कद्दावर नेताओं किरोड़ी लाल मीणा और हनुमान बेनीवाल के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली.
- हनुमान बेनीवाल के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि वे भ्रष्टाचार नहीं कर सकते हैं.
- इससे पहले, मीणा ने कहा था कि बेनीवाल की पेपर लीक में भूमिका और पैसे लेने के मामले में बड़ा खुलासा करूंगा.
राजस्थान की सियासत के दो कद्दावर नेताओं के बीच हाल ही में जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली. राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के बीच तीखी बहस हुई. दरअसल, एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को राजस्थान हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया. इसके बाद एनडीटीवी राजस्थान पर दोनों दिग्गजों के बीच बहस ने इतना तूल पकड़ा कि यह व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोपों तक पहुंच गई. इस दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर आरोप मढ़े और एक-दूसरे पर हमला करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. हालांकि इस बहस के बाद अब किरोड़ी लाल मीणा ने हनुमान बेनीवाल से माफी भी मांग ली है.
किरोड़ी लाल मीणा ने हनुमान बेनीवाल की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे भ्रष्टाचार नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि बेनीवाल के गंभीर आरोपों से वे आहत हुए हैं और यह दुख कई दिनों तक नहीं मिटेगा.
5 साल तक गहलोत सरकार के खिलाफ लड़ा: मीणा
साथ ही मीणा ने कहा कि बेनीवाल उनके नजदीक से जुड़े रहे हैं, लेकिन अब ऐसे आरोप लगाना उन्हें परेशान करता है. उनकी बात से हनुमान आहत हुए तो वे माफी मांगते हैं.
बेनीवाल के आरोपों पर उन्होंने कहा कि लेकिन वे चरित्र से मजबूत हैं और मूल्य आधारित राजनीति करते हैं. गहलोत से 200 करोड़ लेने के बेनीवाल के आरोप पर किरोड़ी ने कहा कि वे पांच साल तक गहलोत सरकार के खिलाफ लड़े रहे और उनसे मुलाकात तक नहीं की. जनता खुद फैसला करेगी.
किरोड़ी लाल मीणा VS हनुमान बेनीवाल, किसने क्या कहा -
हनुमान बेनीवाल- कुछ नहीं, अब गया जमाना आपका.
किरोड़ी लाल मीणा- तू दौसा में आया था. पुलिस ने लाठी चलाई, तुम वहां मैनेजर के सामने टेबल के नीचे घुस गए थे.
हनुमान बेनीवाल-आप घुस गए थे. मैंने आपको देखा था भागते हुए.
किरोड़ी लाल मीणा-बकवास कर रहे हो, क्या देखा था.
हनुमान बेनीवाल-आप मुझे छोड़कर भागे थे, वसुंधराजी के पास. मैं आपको छोड़कर नहीं भागा.
किरोड़ी लाल मीणा-खड़ा करने वाला, आगे बढ़ाने वाला मैं. तुम तो जाटों के लड़कों पर लाठी चली तब अस्पताल पूछने तक नहीं गए.
हनुमान बेनीवाल-आप चोरों की मदद करते हो, आप सारे चोरों की मदद करते हो.
किरोड़ी लाल मीणा-अपनी सीमा में रहो, सब नेतागिरी भुला दूंगा.
हनुमान बेनीवाल- सीमा में रहो, ठीक है न.
किरोड़ी लाल मीणा- तू तेरे क्वार्टर में छुपकर चुप होकर बैठ गया था, तभी मैंने टोडाभीम से भाग कर आकर तेरे को बचाया था.
हनुमान बेनीवाल- क्या तेरे-तेरे लगा रखा है, क्या है आपके पास.
किरोड़ी लाल मीणा-तू तो जाट है न, किसान का बेटा है न, तेरे को शर्म आनी चाहिए.
हनुमान बेनीवाल- छोड़ो, आप जैसा तो फर्जी आदमी मैंने देखा ही नहीं.
किरोड़ी लाल मीणा-चोर कहीं के, पैसे मैंने मेरे हाथ से दिए थे.
हनुमान बेनीवाल-आपके पास क्या सामान है? क्या दिए थे.
किरोड़ी लाल मीणा-कहता था मुझे पैसे दिलाओ, पैसे दिलाओ.
हनुमान बेनीवाल- आप बिकाऊ हो.
किरोड़ी लाल मीणा- तू ही ले ले न. मैंने इकट्ठे पैसे दिलवाए हैं, बता और दूंगा.
हनुमान बेनीवाल- आप इससे ज्यादा कुछ नहीं बनोगे. आप तो बहज बांटते रहो, फैक्ट्री पर छापे मारो और उनसे पैसे ले लो और आप कुछ नहीं कर पाओगे. इससे ज्यादा कुछ नहीं होने वाला.
किरोड़ी लाल मीणा-तूने जाटों के छोरों को बिगाड़ दिया.
हनुमान बेनीवाल-आपको जलन क्यों हो रही है, आपने जाटों का ठेका ले रखा है क्या?
किरोड़ी लाल मीणा-मैंने पूरे राजस्थान का ठेका ले रखा है.

स्पर्धा चौधरी ने पेपर लीक कराए: मीणा
दोनों के बीच ज़ुबानी जंग का सिलसिला यहीं नहीं थमा. बाद में NDTV से बातचीत करते हुए भी ये सियासी हमले जारी रहे. किरोड़ी लाल मीणा ने तो यहां तक कह दिया कि मैं हनुमान बेनीवाल की पेपर लीक में भूमिका और राज्यसभा में पैसे लेने के मामले में बड़ा खुलासा करूंगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से जुड़ी रह चुकीं स्पर्धा चौधरी ने पेपर लीक कराए थे. इस मामले को लेकर मैं जल्द ही बड़ा खुलासा करूंगा.
साथ ही मीणा ने कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी गलत ढंग से नियुक्ति देने का काम किया गया था. इनके सबूत मेरे पास हैं, जो जल्द ही मुख्यमंत्री और आला अधिकारियों के सामने रखूंगा.
मीणा ने यह भी आरोप लगाया कि हनुमान बेनीवाल ने कमल मोरारका के राज्यसभा चुनाव के दौरान मेरी मौजूदगी में पैसे लिए थे. इसका गवाह मैं खुद हूं.
ये आदमी किसी का नहीं... मीणा पर बरसे बेनीवाल
आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने हाई कोर्ट के फैसले के बाद समर्थकों के साथ नाचकर जश्न मनाया. जयपुर में शहीद स्मारक पर समर्थकों के बीच जाकर बेनीवाल ने इसे सच की जीत बताया और किरोड़ी लाल मीणा के बयानों पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि ये तो अपनी कौम के लोगों को बैठाकर गाली देते हैं. ये आदमी किसी का नहीं है. मेरे पर लगाए आरोप निराधार हैं. नरेश मीणा के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि किरोड़ी लाल ने ही उसे दोबारा जेल भिजवाया और समरावता गांव में लोगों को पिटवाया.
उन्होंने किरोड़ी पर तंज कसते हुए कहा जिन कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाते थे, उनके साथ बैठ गए. अब उन्हें चुनौती देता हूं कि एक भी कांग्रेस नेता को पकड़वा के दिखा दो. किरोड़ी लाल मीणा को कोई सीरियस नहीं लेता. ना इन्होंने पार्टी बनाई और ना इनमें लड़ने का दम है.
हाई कोर्ट के फैसले पर सरकार का रुख क्या?
एसआई भर्ती परीक्षा पर आए हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब चर्चा इस बात की है कि सरकार का इस मामले में क्या रुख रहने वाला है. NDTV से बातचीत में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा सरकार फैसले का अध्ययन करेगी और उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा.
बढ़ जाती है अदालत में स्टे मिलने की संभावना?
विधि विशेषज्ञों का मानना है कि भर्ती रद्द करने जैसे फैसलों को बड़ी अदालत में स्टे मिलने की संभावना बढ़ जाती है. यदि ऐसा नहीं होता है तो सरकार को हाई कोर्ट के आदेश का पालन करना पड़ता है. इसका मतलब यह होगा कि जो पहले ही पोस्टिंग ले चुके हैं उन्हें हटाना पड़ेगा और फिर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी होगी.
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