- केतन मर्डर केस में आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हजारों मैसेज और कॉल लॉग्स डिलीट किए
- पुलिस ने दोनों आरोपियों के फोन फॉरेंसिक लैब भेजे हैं ताकि डिलीट किए गए मैसेज को रिकवर किया जा सके
- सिया और चेतन ने लोहगढ़ किले पर हत्या की योजना बनाई और केतन को धक्का देकर मारने के लिए जगहों की पहचान की
पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ. आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने सबूत मिटाने की कोशिश की थी. जांच में खुलासा हुआ है कि सिया और चेतन ने वारदात को अंजाम देने के बाद अपने मोबाइल फोन से सारे मैसेज और कॉल लॉग्स डिलीट कर दिए थे. पुणे ग्रामीण पुलिस ने दोनों को घटना के तीन दिन बाद 18 जून को गिरफ्तार किया था और इसी दौरान आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए अपने बीच हुए हजारों मैसेजों के डिजिटल ट्रेल को नष्ट करने की कोशिश की.
पुलिस ने फॉरेंसिक लैब भेजे फोन
फॉरेंसिक लैब भेजे गए फोन पुलिस ने इस साजिश का पर्दाफाश करने के लिए दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) भेज दिया है. जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि आईटी एक्सपर्ट्स द्वारा डिलीट किए गए डेटा और संदेशों को रिकवर करने के बाद इस मामले में कई अहम और पुख्ता सबूत सामने आएंगे, जिससे आरोपियों के खिलाफ केस और मजबूत होगा.
CM फडणवीस ने उज्ज्वल निकम को सरकारी वकील नियुक्त किया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्यसभा सांसद और लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम केतन अग्रवाल हत्याकांड में विशेष लोक अभियोजक होंगे. निकम ने ही 2008 के मुंबई हमले और 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषियों को कड़ी सजा दिलवाई थी. मुख्यमंत्री कार्यालय के एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह घोषणा केतन के पिता विशाल अग्रवाल द्वारा पुणे में मुख्यमंत्री से मुलाकात और अपने बेटे के लिए न्याय की मांग के बाद की गई.
बयान में कहा गया है कि फडणवीस ने मामले को त्वरित अदालत में भेजने की परिवार की मांग को स्वीकार कर लिया और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दे दी. मुख्यमंत्री ने केतन अग्रवाल के परिवार को आश्वासन दिया कि सरकार दोषियों को कड़ी सजा दिलवाएगी और न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी.
सिया और चेतन ने बनाया था फुल प्रूफ प्लान
मामले की जांच में पता चला है कि सिया और चेतन ने एक वेकेशन ट्रिप के दौरान केतन अग्रवाल की हत्या करने और इसे 'गलती से गिरने' की घटना दिखाने की विस्तार से योजना बनाई थी. एक सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जिसमें लोहागढ़ किले से अपने मंगेतर को धक्का देकर मारने से पहले सिया गोयल को चेतन चौधरी से एक कैफे में मिलते हुए देखा जा सकता है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों 18 जून को पुणे के एक कैफे में मिले थे और वहीं उन्होंने केतन अग्रवाल को खत्म करने की साजिश रची थी. पुणे पुलिस ने दोनों पर हत्या और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया है. पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश रचने के लिए सिया और चेतन 18 जून को पुणे के एक कैफे में मिले थे.
किले पर धक्का मारने लायक जगहों की पहचान की थी
उन्होंने अग्रवाल की हत्या की योजना पर चर्चा की और किले पर ऐसी खास जगहों की पहचान भी की जहां से उसे धक्का देकर मारा जा सके. उसी दिन, सिया गोयल केतन अग्रवाल के साथ लोहगढ़ किले गईं, जबकि चेतन चौधरी चुपके से उनके पीछे-पीछे पहाड़ी रास्ते पर चल रहा था. सुबह 10.30 बजे से 11 बजे के बीच सिया ने केतन अग्रवाल के परिवार को फोन करके बताया कि वह एक खाई में गिर गया है. उन्होंने परिवार को बताया कि ट्रैकिंग के दौरान उसका पैर फिसल गया था, लेकिन पुलिस का कहना है कि दोनों ने उसे पीछे से धक्का दिया था.
इससे पहले, पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की थी. सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेजे गए दोनों आरोपियों से कल देर रात तक पूछताछ की गई.
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