- केरल के नए सीएम के नाम को लेकर कांग्रेस नेताओं ने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को अधिकृत किया है
- कांग्रेस नेताओं की 3 घंटे चली बैठक में सीएम पद के तीन दावेदारों वेणुगोपाल, सतीशन और चेन्निथला पर चर्चा हुई
- कांग्रेस आलाकमान ने विधायकों से एक लाइन के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर अंतिम निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है
केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बरकरार है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर करीब तीन घंटे तक चली उच्च स्तरीय बैठक के बाद भी पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के चेहरे का ऐलान नहीं किया. पार्टी नेताओं के मुताबिक, अंतिम फैसला कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर छोड़ा गया है. बैठक में खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, वी डी सतीशन तथा कांग्रेस के दोनों पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक एवं प्रदेश प्रभारी दीपा दासमुंशी शामिल हुए.
बैठक के बाद रमेश चेन्नीतला ने एनडीटीवी से कहा कि केरल में मुख्यमंत्री का फैसला कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व करेगा. आज की बैठक में हमने चुनाव के नतीजे आने के बाद प्रदेश में बदले राजनीतिक हालात पर चर्चा की. हम सभी एकजुट हैं. कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सब साथ हैं. जल्द ही दिल्ली कमान से निर्देश मिलने के बाद सीएम के नाम की घोषणा हो जाएगी.

चेन्निथला ने कहा, ‘‘यह एक अच्छी बैठक थी. सभी नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के साथ-साथ राहुल गांधी के संग भी अपने विचार साझा किए. आलाकमान अंतिम निर्णय लेगा.'' यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री के लिए उनके नाम पर चर्चा की गई तो चेन्नीथला ने कहा कि सबके नाम पर चर्चा की गई.
केरल के सभी नेता आज रात वापस लौट रहे हैं. बैठक के बाद जिस तरह कार्यकर्ताओं से प्रदर्शन नहीं करने की अपील की गई है, उससे संकेत मिल रहा है कि रेस में सतीशन पिछड़ गए हैं.

दीपा दासमुंशी ने तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज खरगे जी और राहुल गांधी जी से हमारी लंबी चर्चा हुई. हममें से हर किसी ने खरगे जी और राहुल जी के सामने अपनी बात रखी. हमने व्यक्तिगत रूप से भी बात की और उन्होंने हमें अपना मार्गदर्शन दिया. बहुत जल्द आलाकमान द्वारा अंतिम निर्णय किया जाएगा. 23 मई (सरकार गठन के लिए) अंतिम दिन है. इसलिए, 'नियत समय' में सब होगा. मेरा मतलब है कि उचित समय सीमा के भीतर होगा.''
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को लेकर अंतिम निर्णय लेना आलाकमान का काम है और सभी विधायकों ने भी एक लाइन के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें आलाकमान को अंतिम निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है. उन्होंने केरल में कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अपने-अपने नेताओं के समर्थन में प्रदर्शन करने को लेकर कहा कि वे संयम से काम लें, क्योंकि इस तरह का अशिष्ट व्यवहार कांग्रेस की संस्कृति नहीं है.
दासमुंशी ने कहा, ‘‘केरल की जनता ने हमें प्रचंड बहुमत दिया है. हम सभी कार्यकर्ताओं से अनुरोध कर रहे हैं कि वे इस तरह की गतिविधि को रोकें.'' वहीं सतीशन ने कहा कि पार्टी नेतृत्व की तरफ से जल्द निर्णय लिया जाएगा.

केरल में कांग्रेस विधायक दल के नेता के चयन के लिए विधायकों की राय लेने के बाद पार्टी के दोनों पर्यवेक्षकों माकन और वासनिक ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंपी थी.
सूत्रों का कहना है कि विधायकों से रायशुमारी के दौरान ज्यादातर ने वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री के लिए अपनी पसंद बताया था, हालांकि यह माना जा रहा है कि कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच सतीशन की स्वीकार्यता ज्यादा है. चेन्निथला की वरिष्ठता और अनुभव को देखते हुए उनकी दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है.

यूडीएफ ने नौ अप्रैल को हुए राज्य विधानसभा चुनाव में 140 सीट में से 102 सीट हासिल कीं. गठबंधन की प्रमुख पार्टी कांग्रेस ने 63 सीट पर जीत दर्ज की है.
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