कर्नाटक में आम लोगों को अब दूध के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी होगी. राज्य सरकार ने नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को आखिरकार मंजूरी दे दी है. इस तरह नई दरें 1 नवंबर 2026 से लागू होंगी. यह वही प्रस्ताव है जिसे पहले कैबिनेट ने मंजूर किया था, लेकिन विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव और लागू आदर्श आचार संहिता के कारण इसकी घोषणा रोक दी गई थी. अब आचार संहिता हटने के बाद सरकार ने कीमत बढ़ाने का फैसला लागू कर दिया है.
इस बढ़ोतरी के बाद नंदिनी के लोकप्रिय ब्लू पैकेट वाले टोंड दूध की कीमत 46 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी. सरकार का कहना है कि बढ़ी हुई राशि का बड़ा हिस्सा सीधे दुग्ध उत्पादक किसानों तक पहुंचाया जाएगा. 8 रुपये की वृद्धि में से 7 रुपये किसानों को और 1 रुपया मिल्क यूनियनों को दिया जाएगा.
हाल के सालों में कब-कब बढ़ी नंदिनी दूध की कीमत?
यह पहली बार नहीं है जब नंदिनी दूध महंगा हुआ है. पिछले चार सालों में कई बार कीमतों में वृद्धि की जा चुकी है.
- नवंबर 2022: 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी
- जुलाई 2023: 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी
- जून 2024: 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी (तब 50 मिली अतिरिक्त दूध भी दिया गया था)
- मार्च 2025: 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी
- अक्टूबर 2026: 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी का फैसला, 1 नवंबर से लागू
क्यों बढ़ी नंदिनी दूध की कीमत?
कर्नाटक कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि राज्य में करीब 10 लाख किसान परिवार डेयरी पर निर्भर हैं. सूखे और पशु चारे की बढ़ती लागत के कारण किसानों की आय पर दबाव बढ़ा है. ऐसे में दूध की खरीद कीमत बढ़ाकर उन्हें राहत देने की कोशिश की गई है.
दूध संघ लंबे समय से कीमतों में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे. उनका कहना था कि पशु चारा, दवाइयां, परिवहन और पैकेजिंग की लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे मौजूदा दरों पर काम करना मुश्किल हो रहा है. इसी आधार पर उन्होंने 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की मांग की थी.
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