कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर पद छोड़कर डीके शिवकुमार के लिए रास्ता बनाने का दबाव बढ़ा रहे हैं. मौजूदा माहौल में डीके शिवकुमार का नाम अगला मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है. सूत्र यह भी बता रहे हैं कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इस पूरे मंथन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और नेतृत्व बदलने के पक्ष में हैं.
दिल्ली में बैठकों का हाई वोल्टेज दौर
मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय में लंबे समय तक चली बैठकों ने सियासी हलचल और बढ़ा दी. पहले राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ संयुक्त बैठक की. इसके बाद राहुल गांधी और खरगे ने दोनों नेताओं से अलग-अलग वन-टू-वन मुलाकात की.

दिल्ली में हाई लेवल बैठकों का दौर जारी
फिर राहुल गांधी और सिद्धारमैया के बीच करीब 45 मिनट की अलग से चर्चा हुई. बाद में सभी नेता फिर से खरगे के कक्ष में एक साथ पहुंचे और दूसरी दौर की बातचीत हुई. इन लगातार बैठकों को कर्नाटक में संभावित नेतृत्व बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है.
यह भी पढ़ें- अर्श से फर्श पर पहुंचा TMC का 'डायमंड हार्बर मॉडल', फाल्टा के नतीजे से बंगाल की राजनीति के क्या मिल रहे संकेत?
क्या सिर्फ CM बदलाव या कुछ और भी?
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि चर्चा सिर्फ मुख्यमंत्री बदलने तक सीमित नहीं है. दरअसल राज्यसभा की तीन सीटों के लिए उम्मीदवार तय करने पर भी मंथन हो रहा है. मल्लिकार्जुन खरगे का नाम राज्यसभा के लिए प्रमुख दावेदार बताया जा रहा है. इसके अलावा, विधान परिषद की तीन खाली सीटों पर भी चर्चा चल रही है. एक सीट पर सरकार के पास बहुमत है, बाकी को लेकर रणनीति बनाई जा रही है. यानी 'पावर बैलेंस' और संगठनात्मक समीकरण को साधने की कोशिश जारी है.
DK शिवकुमार की दावेदारी क्यों मजबूत?
पार्टी के अंदरूनी संकेत बताते हैं कि डीके शिवकुमार को संगठन और हाईकमान का मजबूत समर्थन मिल रहा है. प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने कर्नाटक में पार्टी को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई थी. ऐसे में माना जा रहा है कि सत्ता और संगठन के बीच संतुलन बनाने के लिए नेतृत्व परिवर्तन पर गंभीरता से विचार हो रहा है.
क्या फैसले के करीब कांग्रेस?
हालिया घटनाक्रम से यह साफ है कि कांग्रेस हाईकमान कर्नाटक को लेकर जल्द बड़ा फैसला ले सकता है. लगातार बैठकों और नेताओं के अलग-अलग संवाद से संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी अंदरूनी खींचतान को सुलझाकर एक तय फॉर्मूला निकालना चाहती है, जिसमें सीएम चेहरा, राज्यसभा और परिषद की सीटें सब शामिल हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं