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सौतेली मां पर कार्रवाई हो... वसीयत विवाद में करिश्मा कपूर के बच्चों ने सौतेली मां पर लगाए गंभीर आरोप: सूत्र

Sunjay Kapur Property Dispute: संजय कपूर का संपत्ति विवाद अब नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. सूत्रों का कहना है कि एक्स वाइफ करिश्मा कपूर के बच्चो ने अपनी सौतेली मां प्रिया कपूर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ क्रिमिनल एक्शन की मांग की है.

सौतेली मां पर कार्रवाई हो... वसीयत विवाद में करिश्मा कपूर के बच्चों ने सौतेली मां पर लगाए गंभीर आरोप: सूत्र
Sunjay Kapur Property Dispute
नई दिल्ली:

कारोबारी और बॉलीवुड अभिनेत्री के एक्स हसबैंड की 30 हजार करोड़ की संपत्ति से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सूत्रों का कहना है कि करिश्मा कपूर के बेटे-बेटी ने सौतेली मां प्रिया कपूर के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है. सूत्रों के अनुसार, समायरा और कियान कपूर ने प्रिया कपूर के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई वसीयत के डिजिटल रिकॉर्ड में कई खामियों की ओर भी इशारा किया है.भाई-बहनों ने दावा किया कि वसीयत पर हस्ताक्षर किए जाने के दिन उनके पिता संजय कपूर गुरुग्राम में मौजूद नहीं थे.

एनडीटीवी सूत्रों के अनुसार, संजय कपूर की वसीयत का मामला और भी गंभीर हो गया है, करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा और कियान कपूर ने अपने पिता की दूसरी पत्नी प्रिया कपूर के खिलाफ अदालत में आपराधिक कार्रवाई की मांग की है. 

सूत्रों के अनुसार, समायरा और कियान कपूर ने प्रिया कपूर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 338 और 340 के तहत कार्रवाई की मांग की है. उनका आरोप है कि प्रिया कपूर ने वसीयत में हेरफेर किया है, ताकि पिता की विरासत से उन्हें वंचित किया जा सके. संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद के बीच इस नई मांग से ये सिविल केस अब आपराधिक मामला बन सकता है. दोषी पाए जाने पर प्रिया कपूर को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है.

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वसीयत के समय कहां थी प्रिया कपूर

अदालत में दिए गए अपने बयान में भाई-बहनों ने कहा कि उनके पिता उद्योगपति संजय कपूर और उनकी पत्नी प्रिया कपूर, वसीयत पर हस्ताक्षर किए जाने वाले दिन (21 मार्च) गुरुग्राम में नहीं थे. वे दिल्ली में थे और करिश्मा कपूर, कियान और समायरा के लिए पुर्तगाली नागरिकता पर चर्चा करने के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से संजय कपूर के संपर्क में थीं.

प्रिया कपूर ने अदालत को बताया है कि वसीयत का मसौदा सबसे पहले 10 फरवरी 2025 को तैयार किया गया था, 17 मार्च को इसमें संशोधन किया गया और 21 मार्च को संजय द्वारा दिनेश अग्रवाल और नितिन शर्मा (दो गवाह) की उपस्थिति में एआईपीएल के गुड़गांव ऑफिस में इस पर हस्ताक्षर किए गए थे.

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हालांकि 17 मार्च को संजय कपूर कियान के साथ गोवा में छुट्टियां मना रहे थे और शाम को अपनी मां रानी कपूर से मिलने गए, क्योंकि वह गिर गई थीं. एनडीटीवी को मिली खास जानकारी से अब यह सामने आया है कि गवाहों (दिनेश कुमार अग्रवाल और नितिन शर्मा) के बयानों से यह संकेत नहीं मिलता कि वसीयत गुड़गांव में बनाई गई थी.

भाई-बहनों ने अदालत से अपील की है कि प्रिया कपूर, संजय कपूर, दिनेश अग्रवाल और नितिन शर्मा के मोबाइल फोन जब्त किए जाएं. उनका आरोप है कि प्रिया ने न केवल वसीयत में हेराफेरी की है, बल्कि फर्जी डिजिटल रिकॉर्ड भी बनाया है.

डिजिटल रिकॉर्ड में खामियां

डिजिटल रिकॉर्ड में खामियों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें संजय कपूर का कोई डिजिटल फुटप्रिंट नहीं है. सूत्रों के अनुसार, प्रिया कपूर ने अदालत को लिखित बयान में बताया है कि वसीयत पहली बार 10 फरवरी, 2025 को तैयार की गई थी, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि इसे किसने तैयार किया था. उन्होंने अदालत को यह भी बताया है कि वसीयत में 17 मार्च को नितिन शर्मा के फोन पर बदलाव किया गया था.

15 मार्च को संजय और कियान गोवा घूमने गए और 17 मार्च की शाम को रानी कपूर से मिलने दिल्ली लौट आए. उनका दावा है कि यह समय 17 मार्च को वसीयत में किए गए संशोधन से मेल नहीं खाता.प्रिया कपूर ने अदालत को बताया है कि वसीयत पर 21 मार्च को संजय ने दिनेश अग्रवाल और नितिन शर्मा की उपस्थिति में गुड़गांव में हस्ताक्षर किए गए थे.एनडीटीवी को सूत्रों ने बताया है कि वसीयत का सबसे पुराना डिजिटल सबूत नितिन शर्मा के डिवाइस के स्क्रीनशॉट हैं.

अब समायरा और कियान कपूर ने दावा किया है कि डिजिटल रिकॉर्ड नितिन शर्मा के डिवाइस से ईमेल के ज़रिए दिनेश अग्रवाल के डिवाइस पर ट्रांसफर किया गया था। अग्रवाल ने कथित वसीयत पर हस्ताक्षर होने के तीन दिन बाद, 24 मार्च 2025 को, उस रिकॉर्ड को एक व्हाट्सएप ऑफिस ग्रुप में ट्रांसफर कर दिया, जिसके सदस्य संजय, प्रिया कपूर और दिनेश अग्रवाल थे.

अदालत में यह भी दावा किया गया है कि संजय कपूर का मोबाइल नंबर ऑफिस के व्हाट्सएप चैट में मौजूद है, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब या प्रतिक्रिया नहीं मिली है. सूत्रों ने बताया कि 22 दिसंबर तक अग्रवाल अदालत में दावा कर रहे थे कि डिजिटल रिकॉर्ड डेल लैपटॉप से ​​लिया गया है, जबकि व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट मोबाइल फोन से लिए गए थे। बताया जाता है कि प्रिया कपूर ने अपने एप्पल मैकबुक एयर से डिजिटल रिकॉर्ड जमा किया है.

वसीयत कराने वाले की संदिग्ध भूमिका

एनडीटीवी को सूत्रों से पता चला है कि श्रद्धा सूरी मारवाह (वसीयत की निष्पादक, जो संजय कपूर की करीबी दोस्त बताई जाती हैं) ने 15 जून को दिनेश अग्रवाल को ईमेल करके पूछा था कि वसीयत किस वकील ने तैयार की है.इसका कोई जवाब नहीं मिला. 20 नवंबर को अदालत की सुनवाई में यह बात सामने आई कि वसीयत किसी वकील ने नहीं बल्कि नितिन शर्मा (गवाह) ने तैयार की थी। शर्मा ने अभी तक अदालत में यह बयान नहीं दिया है कि उन्होंने ही वसीयत तैयार की थी.संजय कपूर की करीबी दोस्त होने के बावजूद श्रद्धा ने दावा किया कि उन्हें वसीयत के बारे में 29 जून को ही पता चला. यानी करिश्मा और परिवार के बाकी सदस्यों को ताज मान सिंह होटल में वसीयत का खुलासा किए जाने से एक दिन पहले.


 

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