- सावन महीने में लाखों कांवड़िए सुल्तानगंज से जल भरकर देवघर तक पैदल चलकर बाबा वैद्यनाथ के दर्शन करते आते हैं
- अदाणी समूह ने कांवड़ियों की सेवा के लिए शिवरात्रि पर निःशुल्क सेवा शिविर का उद्घाटन किया
- सेवा शिविर में कांवड़ियों को निःशुल्क चिकित्सा, भोजन, आवास और यात्रा की थकान मिटाने की सुविधाएं मिलेंगी
सावन के पवित्र महीने में प्रतिदिन लाखों की संख्या में देश और विदेश से कांवड़िए झारखंड के देवघर में बाबा वैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. ये कांवड़िए सुल्तानगंज स्थित उत्तर वाहिनी गंगा का जल लेकर 105 किलोमीटर की कठिन यात्रा करते हैं.उनको रास्ते में कोई परेशानी न हो इसके लिए अदाणी समूह सेवा भावना के तहत सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है. अदाणी सीमेंट ने शिवरात्रि के मौके पर मंगलवार को पंडित बी एन झा पथ पर सेवा शिविर का उदघाटन किया.
कांवड़ियों के लिए सेवा शिविर की शुरुआत
अदाणी सीमेंट के पूर्वी भारत के चीफ सेल्स अधिकारी अंबिकेश सिंह ने पूजा अर्चना कर विधिवत सेवा शिविर का उदघाटन किया. इस सेवा शिविर में कांवड़ियों को निःशुल्क चिकित्सा, भोजन, आवासन और कष्टदायक यात्रा के दौरान हुई थकान को मिटाने की समुचित व्यवस्था की गई है. इस मौके पर अंबिकेश सिंह ने कहा कि अदाणी समूह हमेशा से कांवड़ियों की निःशुल्क सेवा करते आया है. उम्मीद है कि आगे भी ये सेवा ऐसे ही जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि सेवा करने से शिव की कृपा हमेशा बनी रहती है. वहीं सेवा शिविर का लाभ लेने वाले कांवड़ियों का कहना है कि इस शिविर में उनको हर सुविधा उपलब्ध होती है. उनको कभी भी कोई परेशानी नहीं आती हैं.

कांवड़ियों की सेवा कर रहा अदाणी सीमेंट
शिविर संचालक ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचने वाले कांवड़ियों की आस्था और तपस्या के मार्ग में उनकी सेवा करना अदाणी सीमेंट के लिए सिर्फ सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि ‘सेवा ही साधना' का संकल्प है. इसी संकल्प के साथ समूह ने निःशुल्क सेवा शिविर की शुरुआत की गई है. इस सेवा अभियान में देवघर की डीलर फ्रेटर्निटी और उनके परिवार भी सक्रिय रूप से अहम भूमिका निभा रहे हैं. कांवड़ियों की सेवा से लेकर शिविर की व्यवस्थाओं तक सभी इसे बाबा बैद्यनाथ की सेवा और शिव भक्ति का अवसर मान रहे हैं.

'हमारे लिए सेवा ही साधना है'
इस अवसर पर अंबिकेश सिंह ने कहा,“किसी शिव भक्त की थकान कम करना, उसकी यात्रा को आसान बनाना या उसके सपनों को सही तकनीकी मार्गदर्शन देना हमारे लिए सेवा है और हमारे लिए सेवा ही साधना है." उन्होंने कहा कि अदाणी समूह और अदाणी सीमेंट समाज और आस्था से जुड़े अवसरों पर सेवा के माध्यम से अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते रहे हैं. देवघर का यह सेवा शिविर भी उसी भावना का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि जहां भक्ति हो कर्म में, वहीं सेवा साधना बनती है.
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