दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार को सुरक्षा जांच के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया. हैदराबाद जाने की तैयारी कर रहे एक यात्री के हैंड बैगेज से खोपड़ी जैसा संदिग्ध अवशेष मिला, जिसके बाद CISF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं. प्रारंभिक पूछताछ में यात्री ने दावा किया कि बरामद वस्तु बंदर की खोपड़ी है. मामले की संवेदनशीलता और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े संभावित उल्लंघन को देखते हुए CISF ने यात्री को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खोपड़ी वास्तव में किस जीव की है और उसे साथ ले जाने का उद्देश्य क्या था.
सुरक्षा जांच के दौरान हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार यह घटना बुधवार को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर हुई. यात्री दिल्ली से हैदराबाद जाने वाली उड़ान पकड़ने वाला था. प्री-एम्बार्केशन सुरक्षा जांच के दौरान CISF के जवानों को उसके हैंड बैगेज में एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. बैग की जांच करने पर खोपड़ी जैसा अवशेष बरामद हुआ, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत यात्री से पूछताछ शुरू की.
CISF Detects Skull Concealed in Passenger's Hand Baggage at IGI Airport, New Delhi
— CISF (@CISFHQrs) August 12, 2026
Alert CISF personnel deployed at IGI Airport, New Delhi, detected a skull concealed inside the hand baggage of a passenger during the Pre-Embarkation Security Check.
The passenger was scheduled… pic.twitter.com/BpC009joNq
यात्री ने बताया- बंदर की खोपड़ी
पूछताछ के दौरान यात्री ने दावा किया कि उसके बैग से मिली वस्तु एक बंदर की खोपड़ी है. चूंकि मामला वन्यजीव अवशेषों से जुड़ा हो सकता था, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लिया. इसके बाद यात्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया.
वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत जांच
अधिकारियों के मुताबिक बरामद वस्तु का संबंध वन्यजीवों से होने की आशंका को देखते हुए मामले की जांच वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत की जा रही है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि बरामद खोपड़ी वास्तव में किस जीव की है और उसे एयरपोर्ट तक कैसे लाया गया?
जनवरी में भी सामने आया था ऐसा मामला
इस वर्ष 24 जनवरी को भी IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर एक बॉक्स में मानव कंकाल जैसा दिखने वाला ढांचा मिलने से कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया था. उस समय दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंची थीं. जांच में बाद में पता चला कि वह असली कंकाल नहीं बल्कि मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मॉडल था. तत्कालीन जांच में दिल्ली पुलिस ने बताया था कि एक यात्री विमान में उसे ले जाने की अनुमति न मिलने के बाद बॉक्स एयरलाइन स्टाफ के पास छोड़ गया था. बाद में हाउसकीपिंग कर्मचारियों ने बॉक्स देखा और सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी थी.
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