- जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे 74.3 किमी. लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा और लगभग 4000 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा
- यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर की पांच तहसीलों से होकर गुजरेगा और नोएडा एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा
- एक्सप्रेसवे के लिए करीब 997 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी और किसानों को 1500 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा
उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क का जाल और मजबूत होने जा रहा है. गंगा एक्सप्रेसवे को सीधे जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है. इसके लिए एक ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है, जिस पर काम जल्द शुरू हो सकता है. ये नया लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. इसके बनने के बाद बुलंदशहर से जेवर एयरपोर्ट तक सिर्फ 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा.
जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे 74.3 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा जो लगभग 4,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने का अनुमान है. इसके बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR क्षेत्र के बीच बहुत ही कम समय में पहुंचा जा सकेगा. इसके बनने से बिजनेस को नई रफ्तार मिलेगी क्यों कि माल ढुलाई बहुत ही आसान हो जाएगी.
जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की खासियत जानें
- जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 74.3 किलोमीटर
- अनुमानित लागत 4,000 करोड़ रुपये
- एक्सप्रेसवे के लिए करीब 997 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा
- शुरुआत में 6 लेन एक्सप्रेसवे बनेगा
- बुलंदशहर जिले की 5 तहसीलों से होकर गुजरेगा
- औद्योगिक विकास और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
- पश्चिमी यूपी से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना होगा आसान
- पूरी तरह नया और आधुनिक लिंक एक्सप्रेसवे होगा.
- पूरा रूट पूरी तरह होगा एक्सेस-कंट्रोल, कहीं भी ट्रैफिक जाम नहीं मिलेगा
- बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ के लोग बिना ट्रैफिक जाम जेवर एयरपोर्ट पहुंचेंगे
- एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ होगी ग्रीन बेल्ट विकसित
शुरुआत में 6 लेन एक्सप्रेसवे बनेगा
जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के लिए करीब 997 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. इसके बदले किसानों को 1500 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा. शुरुआत में 6 लेन एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा. भविष्य में इसे जरूरत के हिसाब से 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा. यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर जिले की 5 तहसीलों से होकर गुजरेगा और जेवर में यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ेगा. इस परियोजना से न सिर्फ यातायात व्यवस्था सुधरेगी बल्कि औद्योगिक विकास और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा. इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से पश्चिमी यूपी से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा.
वेस्ट यूपी के इन जिलों को मिलेगा फायदा
बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे 594 किमी. लंबा है. यह मेरठ में NH-334 से शुरू होकर प्रयागराज बाई पास तक जाता है. इसका फायदा हापुड़, मेरठ और बुलंदशहर समेच सीधे 12 जिलों को मिलता है.इस लिहाज से जेवर लिंक एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी के लिए अहम है. इसके जरिए बुलंदशहर के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे क्षेत्र को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र से जोड़ने की योजना है.
न्यू नोएडा और नोएडा के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतर
नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से न्यू नोएडा और वर्तमान नोएडा के बीच संपर्क को और बेहतर बनाना पहली प्राथमिकता है. भविष्य में इसके लिए नए लिंक रोड बनाए जा सकते हैं, जिससे न्यू नोएडा की आंतरिक सड़कें सीधे नोएडा से जुड़ सकें. न्यू नोएडा परियोजना कुल 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी. इसे चार चरणों में पूरा करने की योजना है.
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