- शामली जिले में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के बाद जाट समाज में आक्रोश की बात सामने आई।
- अखिलेश यादव ने अंकित बालियान की हत्या पर जाट समाज में व्याप्त गुस्से को लेकर मुख्यमंत्री से जवाब मांगा।
- जयंत चौधरी ने जाति के आधार पर हत्या को जोड़ने को संवेदनहीनता बताते हुए न्याय की बात कही।
पश्चिम यूपी के शामली जिले में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या को लेकर अखिलेश यादव ने जाट समाज में आक्रोश की बात की तो इस पर राजनीति तेज हो गई है. पिछले दिनों जयंत चौधरी पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि हमने चवन्नी को रुपया बना दिया और उसने हमें छोड़ दिया. इसको लेकर कहा जा रहा था कि जाट समाज में अखिलेश यादव के बयान से गुस्सा है. इस बीच अंकित बालियान की जिम से निकलते वक्त हत्या हो गई और अखिलेश यादव ने इसमें जाट एंगल खोजते हुए कहा कि समाज में गुस्सा है.
उन्होने लिखा था, 'यूपी के मुख्यमंत्री जी जाट समाज में व्याप्त आक्रोश और मारे गये लोकप्रिय युवा गायक अंकित बालियान के ‘दुखी पिता' की सुनेंगे या उनसे भी लखनऊ के अग्निकांड में मारे गये बच्चे की ‘दुखी मां' की तरह धमकी भरे अंदाज़ में ये कहकर निकल जाएंगे कि ‘भाषण सुनने के मूड में नहीं हैं.' इसके अलावा बिना नाम लिए अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी पर भी तंज कसा था. अखिलेश यादव ने लिखा, 'भाजपा सिर्फ वोटों की सगी है. जाट या किसी अन्य समाज की नहीं. आज जो जाट नेता भाजपा के साथ अपने स्वार्थवश खड़े हैं. संपूर्ण जाट समाज उनसे जवाब मांग रहा है. भाजपा के सहयोगी जाट नेता कहां भूमिगत हो गए हैं. युवा जाट आज उन्हें तलाशते फिर रहे हैं.'
किसी भी अपराध में पीड़ित के साथ सभ्य समाज की संवेदना होती है, और सम्पूर्ण समाज का सहारा होता है।
— Jayant Singh (@jayantrld) August 28, 2026
हत्या जैसा संगीन अपराध में मृतक की जाति को तलाशना और कहना की उसके जाति के लोगों में आक्रोश है, अपने आप में संवेदनहीनता है क्योंकि ऐसी घड़ी में सभी विचार, जाति और क्षेत्र या अन्य भेद…
इस पर जयंत चौधरी ने भी बिना देरी किए जवाब दिया है. उन्होंने इस मामले में जाति का एंगल खोजने के लिए अखिलेश यादव की आलोचना की. जयंत चौधरी ने लिखा, 'किसी भी अपराध में पीड़ित के साथ सभ्य समाज की संवेदना होती है, और सम्पूर्ण समाज का सहारा होता है. हत्या जैसे संगीन अपराध में मृतक की जाति को तलाशना और कहना की उसके जाति के लोगों में आक्रोश है. अपने आप में संवेदनहीनता है क्योंकि ऐसी घड़ी में सभी विचार, जाति और क्षेत्र या अन्य भेद से ऊपर उठकर मानवीय रिश्तों को आगे रखते हैं. अंकित बालियान के परिवार को न्याय मिले. यह एक जाति या फिर गोत्र का विषय नहीं. मेरा और हर न्याय प्रिय व्यक्ति का है.'
उप्र के मुख्यमंत्री जी जाट समाज में व्याप्त आक्रोश और मारे गये लोकप्रिय युवा गायक अंकित बालियान के ‘दुखी पिता' की सुनेंगे या उनसे भी लखनऊ के अग्निकांड में मारे गये बच्चे की ‘दुखी माँ' की तरह धमकी भरे अंदाज़ में ये कहकर निकल जाएंगे कि ‘भाषण सुनने के मूड में नहीं हैं।'
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 27, 2026
भाजपा… pic.twitter.com/RXaRBRl6ge
अखिलेश यादव की पोस्ट को जाट समाज से जुड़ाव की एक कोशिश के तौर पर देखा गया था. अखिलेश यादव ने अंकित बालियान के पिता से बात भी की थी. बात करने के बाद अखिलेश ने लिखा था, 'रक्षाबंधन के ठीक पहले जिन बहनों ने अपना भाई खोया है और माता-पिता ने पुत्र उनका दुख अपार है. बालियान समाज भी अपने उभरते हुए सितारे को खोकर जितना व्यथित है, उसका वर्णन नहीं किया जा सकता है.' इसके आगे अखिलेश ने लिखा कि हत्याकांड में यूपी की भाजपा सरकार और उनके ठंडे पड़े सहयोगियों की निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण रवैये से पूरी तरह हताश संपूर्ण बालियान समाज के लोगों को हम विश्वास दिलाते हैं कि उनके साथ अन्याय नहीं होने देंगे.
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