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ये है किश्तवाड़ का हीरो 'टायसन', गोली खाकर भी सुरक्षाबलों को बताया जैश के आतंकियों का ठिकाना

Jammu and Kashmir Encounter: बहादुरी तो देखिए कि चोटिल होने के बाद भी टायसन कर्तव्य की राह पर डटा रहा. उसने असाधारण साहस का परिचय दिया. इलाज के लिए उसे तुरंत एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया. टायसन की वजह से ही सुरक्षाबलों को आतंकियों के सटीक ठिकाने का पता लग सका. दीप दत्ता की रिपोर्ट...

ये है किश्तवाड़ का हीरो 'टायसन', गोली खाकर भी सुरक्षाबलों को बताया जैश के आतंकियों का ठिकाना
आर्मी डॉग ने पहचाना आतंकियों का ठिकाना.
  • जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन त्राशी-1 में दो जैश के आतंकियों को मार गिराया
  • सेना और पुलिस को आतंकियों के ठिकाने तक पहुंचाने में बहादुर डॉग टायसन की अहम भूमिका रही
  • मुठभेड़ के दौरान टायसन को पैर में गोली लगी, फिर भी उसने साहस दिखाते हुए ड्यूटी जारी रखी
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जम्मू-कश्मीर:

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार को सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन त्राशी-1 के तहत तीन आंतंकियों को ढेर कर दिया. आंतंकियों तक सेना और पुलिस की पहुंच टायसन की वजह से संभव हो सकी. उसने ही आतंकियों के ठिकाने तक पहुंचने में सुरक्षाबलों की मदद की. बता दें कि टायसन आर्मी का बहादुर डॉग है. सूत्रों के मुताबिक, आतंकी कहां छिपे हैं, यह जानकारी सेना तक पहुंचाने में 2-पैरा स्पेशल फोर्सेज के डॉग टायसन की अहम भूमिका रही. इतना ही नहीं आतंकियों की पहली गोली भी उसने ही खाई. 

ये भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में जैश के टॉप कमांडर समेत दो आतंकी ढेर, दो AK-47 भी जब्त

पैर में गोली खाकर भी डटा रहा डॉग टायसन

सेना और पुलिस संग हुई आतंकियों की मुठभेड़ के दौरान डॉग टायसन पैर में गोली लगने से वह बुरी तरह घायल हो गया. लेकिन दर्द के बावजूद भी वह डटा रहा. इलाज के लिए उसे एयरलिफ्ट कर उधमपुर ले जाया गया. अब वह खतरे से बाहर है और उसके स्वास्थ्य में भी सुधार हो रहा है, ये जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, टायसन, किश्तवाड़ के चतरू इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान घायल हो गया. 

डॉग टायसन के बारे में जानें

सेना का बहादुर टायसन एक जर्मन शेफर्ड डॉग है. आतंकियों के ठिकाने की ओर वह सबसे पहले बढ़ा था. लगातार हो रही फायरिंग के दौरान पहली गोली उसके पैर में जा लगी, जिसकी वजह से वह घायल हो गया. बहादुरी तो देखिए कि चोटिल होने के बाद भी टायसन कर्तव्य की राह पर डटा रहा. उसने असाधारण साहस का परिचय दिया. इलाज के लिए उसे तुरंत एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया. टायसन की वजह से ही सुरक्षाबलों को आतंकियों के सटीक ठिकाने का पता लग सका, जिसकी वजह से उसे ध्वस्त कर अंदर छिपे जैश के दो कमांडरों को मार गिराया गया. 

किश्तवाड़ में जैश के तीन आतंकी ढेर

बता दें कि जम्मू कश्मीर में किश्तवाड़ जिले में रविवार को सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए. अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ में चतरू क्षेत्र के पासेरकुट में सुरक्षाबलों ने ‘ऑपरेशन त्राशी-I' के दौरान आतंकवादियों को मार गिराया और उसके पास से दो एके-47 राइफलों समेत हथियार और गोला-बारूद बरामद किए. तलाशी अभियान अभी भी जारी है. 
 

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