- PM मोदी ने युवा कांग्रेस के अर्द्ध-नग्न प्रदर्शन को लोकतंत्र का नंगापन बताते हुए कांग्रेस की आलोचना की
- विपक्षी गठबंधन के अन्य दलों ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया था
- पीएम मोदी ने मीडिया से आग्रह किया कि कांग्रेस के पापों के लिए पूरे विपक्ष को दोषी ठहराना बंद करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संपन्न हुई एआई इंपैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन और संसद में गतिरोध को लेकर कांग्रेस पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है.मेरठ में एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति की आलोचना की. उन्होंने देश के मीडिया संस्थानों से एक 'विशेष आग्रह' करते हुए रिपोर्टिंग के तौर-तरीकों पर भी सवाल उठाए.
एआई समिट में 'अर्द्ध-नग्न' प्रदर्शन और विपक्ष में दरार
प्रधानमंत्री ने दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित 'एआई समिट' के बाहर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अर्द्ध-नग्न प्रदर्शन का जिक्र करते हुए इसे "लोकतंत्र का नंगापन" करार दिया.उन्होंने कहा कि जब भारत दुनिया के सामने अपनी तकनीकी शक्ति का प्रदर्शन कर रहा था, तब कांग्रेस के "बेलगाम" नेताओं ने देश की छवि को धूमिल करने की कोशिश की.इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि विपक्षी गठबंधन के अन्य प्रमुख घटक दलों ने खुद को इस प्रदर्शन से पूरी तरह अलग कर लिया.
प्रधानमंत्री ने इस पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि दिल्ली में जो शर्मनाक घटना घटी, उसके बाद विपक्ष के अन्य साथी दलों ने कांग्रेस की खुलकर आलोचना करने की हिम्मत दिखाई है.टीएमसी, डीएमके, बसपा और फारूक अब्दुल्ला जी की पार्टी जैसे दलों का इसमें कोई हाथ नहीं था. मैं इन साथियों का सच्चाई के साथ खड़े रहने के लिए सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त करता हूं."
पीएम ने मीडिया से कहा कि पाप कांग्रेस करे, आलोचना कांग्रेस की हो लेकिन मीडिया में कांग्रेस शब्द नहीं दिखता विपक्ष शब्द दिखता है, क्यों भई? क्यों कांग्रेस को बचा रहे हो,ऐसा करने से आप ना कांग्रेस को बचा पाते हो,ना कांग्रेस को सुधरने के लिए मजबूर करते हो,आप एक बार छापना शुरू करो, और बोलना शुरू कर दोगे.
पीएम ने कहा कि ये जनरल विपक्ष का दोष नहीं, और देखिए दिल्ली में जो हुआ क्या उसमें कोई टीएमसी के लोगों ने पाप किया है ? नहीं किया है. डीएमके के लोगों ने पाप किया है, नहीं किया है, बसपा के लोगों ने पाप किया है, नहीं किया है, फारूख अब्दुल्ला जी की पार्टी ने पाप किया है, नहीं किया है. सिर्फ और सिर्फ सिरफिरे नेता, कांग्रेस के बेलगाम नेता,देश को तबाह करने पर तुले हुए हैं.
मीडिया से प्रधानमंत्री की 'नम्र' प्रार्थना
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का एक बड़ा हिस्सा मीडिया की भूमिका पर केंद्रित किया.उन्होंने मीडिया जगत से हाथ जोड़कर विनती करते हुए कहा कि कांग्रेस के पापों की सजा पूरे विपक्ष को देना बंद करें. प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी कांग्रेस कोई अभद्र आचरण करती है, तो मीडिया हेडलाइन बनाता है कि 'मोदी ने विपक्ष को धो डाला. आप कांग्रेस को बचाने के लिए यह चालाकी बंद कीजिए. विपक्ष शब्द का इस्तेमाल करके आप उन दलों को भी दोषी बना देते हैं जो निर्दोष हैं. कृपया 'विपक्ष' नहीं, सीधे 'कांग्रेस' शब्द का प्रयोग करें.प्रधानमंत्री ने तर्क दिया कि मीडिया की इस 'इकोसिस्टम' वाली कार्यशैली के कारण कांग्रेस को सुधरने का मौका नहीं मिलता. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के "सिरफिरे नेता" देश को तबाह करने पर तुले हैं और मीडिया उन्हें 'विपक्ष' के सामूहिक आवरण में छिपाकर सुरक्षा कवच प्रदान करता है.
संसद और महिला सांसदों का मुद्दा
संसद में जारी हंगामे पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस खुद तो परफॉर्म कर नहीं पा रही है, बल्कि अपने साथी दलों को भी बोलने का मौका नहीं दे रही.उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने के लिए जनता का दिल जीतना पड़ता है. उन्होंने महिला सांसदों के संदर्भ में एक गंभीर टिप्पणी करते हुए पूछा, "महिला सांसदों को आगे कर सीट पर कब्जा करने की आपकी क्या मजबूरी है? क्या आप इतने खोखले हो गए हैं कि माताओं-बहनों को इस तरह ढाल बनाना पड़ रहा है?
बोझ बनती कांग्रेस
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि कांग्रेस अब देश के साथ-साथ अपने सहयोगियों के लिए भी बोझ बन गई है.गठबंधन के साथी अब समझ चुके हैं कि "पाप कांग्रेस करती है और भुगतना उन्हें पड़ता है." यही कारण है कि अब विपक्षी खेमे में भी कांग्रेस के प्रति विद्रोह के स्वर उठने लगे हैं.