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This Article is From Apr 04, 2026

ईरान जंग में मध्यस्थता करे भारत, जमात-ए-इस्लामी हिंद की अपील; SIR और 5 राज्यों के चुनाव पर क्या कहा?

जमात-ए-इस्लामी हिंद ने ईरान जंग में भारत से मध्यस्थता करने की अपील की है. जमात ने कहा कि इस जंग का असर भारत पर भी पड़ा है और इसे रोका जाना चाहिए.

ईरान जंग में मध्यस्थता करे भारत, जमात-ए-इस्लामी हिंद की अपील; SIR और 5 राज्यों के चुनाव पर क्या कहा?
  • जमात-ए-इस्लामी हिंद ने 5 राज्यों के चुनावों में सक्रिय भागीदारी की अपील की है
  • जमात ने कहा कि चुनावों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए
  • जमात ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं

जमात-ए-इस्लामी हिंद ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जमात ने 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव से लेकर SIR और ईरान युद्ध को लेकर अपनी बात रखी. जमात-ए-इस्लामी हिंद ने कहा कि असम, पश्चिम बंगाल, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में चुनाव होने जा रहे हैं. हम चुनावों में लोगों से सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह करते हैं. जमात ने कहा कि चुनाव रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर होने चाहिए. उसने कहा कि समाज में फूट डालने की कोशिशें की जा रही हैं. चुनावों में भाग लेने से पहले जनता को इन सभी बातों का ध्यान रखना चाहिए.

जमात ने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हों. राजनीतिक दलों को उन मुद्दों पर बात करनी चाहिए जो लोगों के लिए मायने रखते हैं. चुनावों में सांप्रदायिक और भावनात्मक मुद्दों का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए.

SIR पर जमात ने क्या कहा?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जमात ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है, खासकर पश्चिम बंगाल में. चुनाव आयोग पर लोगों को भरोसा कम हुआ है. इस प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही होनी चाहिए. जमात ने आगे कहा कि चुनाव आयोग को किसी भी राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा नहीं देना चाहिए. अगर किसी नागरिक के भारतीय न होने की कोई रिपोर्ट आती है तो उसकी जांच की जानी चाहिए. चुनाव आयोग को पता लगाना चाहिए कि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक है या नहीं. इसका बोझ लोगों पर नहीं डालना चाहिए और लोगों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए.

ईरान-अमेरिका की जंग की निंदा की

जमात-ए-इस्लामी हिंद ने अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग की भी कड़ी निंदा की. जमात ने कहा, मतभेदों के लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. यह वह समय नहीं है जब आप किसी देश को जबरदस्ती झुका सकें. इस युद्ध की कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ रही है. 1 लाख 14 हजार घर तबाह हो चुके हैं. अस्पतालों और स्कूलों को निशाना बनाया गया है.

जमात ने इस युद्ध में भारत से मध्यस्थता करने की अपील की है. उसने कहा कि हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि वह एक सैद्धांतिक रुख अपनाए. हमें इस युद्ध में मध्यस्थता करने की जरूरत है. इस युद्ध का असर हमारे देश में भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. इसे रोका जाना चाहिए.

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