विज्ञापन

VIDEO: जगन्नाथ पुरी में दिखा दुर्लभ नजारा, ‘हाथी की सूंड’ से जुड़ा आसमान‑समंदर; पर्यटक हैरान

जगन्नाथ पुरी के अस्तरंग तट पर दुर्लभ वॉटरस्पाउट का नजारा देखने को मिला, जहां आसमान से समंदर तक हाथी की सूंड जैसा बवंडर जुड़ा दिखाई दिया. इस अनोखे दृश्य ने पर्यटकों को हैरान कर दिया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए.

VIDEO: जगन्नाथ पुरी में दिखा दुर्लभ नजारा, ‘हाथी की सूंड’ से जुड़ा आसमान‑समंदर; पर्यटक हैरान

Puri Water Spout Video: ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में प्रकृति का ऐसा रूप देखने को मिला, जिसने हर किसी को चौंका दिया. अस्तरंग तट के पास समंदर के ऊपर अचानक बना एक दुर्लभ बवंडर, जो देखने में बिल्कुल 'हाथी की सूंड' जैसा था. काले बादलों से निकलकर यह घूमती हुई सूंड सीधे समंदर तक जाती दिखी. इस अनोखे नजारे को जिसने भी देखा, वह ठिठक गया. कई पर्यटकों ने इसे अपनी जिंदगी में पहली बार देखा और तुरंत मोबाइल में कैद कर लिया.

अस्तरंग तट पर अचानक बदला मौसम

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय समंदर के ऊपर अचानक घने काले बादल छा गए. हवा में नमी बढ़ गई और कुछ ही देर में मौसम करवट लेता नजर आया. इसी दौरान बादलों से एक लंबा, घूमता हुआ स्तंभ नीचे की तरफ उतरने लगा, जो सीधे पानी की सतह से जुड़ता दिखा.

आसमान से समंदर तक उतरी ‘हाथी की सूंड'

यह नजारा बिल्कुल हाथी की सूंड जैसा लग रहा था. ऊपर बादलों में घूमती फनल और नीचे समंदर में बनता भंवर दोनों मिलकर आसमान और समंदर को जोड़ते दिखाई दिए. यह पूरा दृश्य तट से कुछ किलोमीटर दूर बना था, इसलिए कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन दृश्य बेहद डरावना और रोमांचक था. 

स्थानीय लोग इसे कहते हैं ‘हातिसुंडा'

तटीय इलाके में रहने वाले लोग इस तरह के बवंडर को स्थानीय भाषा में ‘हातिसुंडा' कहते हैं. नाम भी उसी आकृति से जुड़ा है, क्योंकि यह बिल्कुल हाथी की सूंड जैसा नजर आता है. जैसे ही यह दिखा, तट पर मौजूद लोग और पर्यटक जमा हो गए और वीडियो बनाने लगे.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस अनोखे नजारे के वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. कई लोगों ने लिखा कि उन्होंने ऐसा दृश्य सिर्फ किताबों या टीवी पर देखा था. पर्यटक इसे प्रकृति का करिश्मा बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे देख थोड़े सहमे हुए भी नजर आए.

मौसम विभाग ने बताया कारण

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इसे ‘वॉटरस्पाउट' कहा जाता है. यह समंदर या बड़े जलाशयों के ऊपर बनने वाला घूमता हुआ हवा का स्तंभ होता है. बंगाल की खाड़ी में जब वातावरण अस्थिर होता है और गर्म‑नम हवा तेजी से ऊपर उठती है, तब ऐसे सिस्टम बन सकते हैं. ओडिशा तट पर कभी‑कभी ऐसी घटनाएं देखी जाती हैं. मौसम विभाग ने मछुआरों और नाव चलाने वालों को सावधान रहने की सलाह दी है. कहा गया है कि अगर समंदर के ऊपर काले बादल और इस तरह का कोई घूर्णन सिस्टम दिखे, तो तुरंत सुरक्षित दूरी बनाए रखें.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com