पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट रफीक चांद शेख की गिरफ्तारी के बाद अहम खुलासे हुए हैं. राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने औरंगाबाद (महाराष्ट्र) से रफीक को गिरफ्तार किया. रफीक आईएसआई (ISI) के इशारे पर भारत में मौजूद पाकिस्तानी जासूसों के खातों तक पैसे पहुंचाने का काम करता था. पिछले 4 साल से वह फंडिंग के इस काम को अंजाम दे रहा था. पाक एजेंटों को पैसे मुहैया करवाने के बदले में रफीक को 3-5% कमीशन दिया जाता था. यह राशि बिटकॉइन के जरिए रफीक के खाते में आ रही थी.
पैसा कहां तक पहुंचा, पूरे नेटवर्क का होगा खुलासा!
इंटेलिजेंस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. पैसा कहां से आता था और भारत में कहां-कहां जाता था. एजेंसी उसे औरंगाबाद लेकर गई है, जहां पर मौका तस्दीक की कार्रवाई की जा रही है. बताया जा रहा है कि आरोपी पोल्टी फॉर्म संचालित कर रहा था. ताकि उसकी आड़ में नापाक मंसूबों को अंजाम दे सके और किसी को शक भी ना हो. इसी तरह वो पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर भारत में फंडिंग का काम 4 साल तक करता रहा.
पाकिस्तानी जासूसों की भी होगी पहचान
रफीक की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. इसके साथ ही पाक की खुफिया एजेंसी से जुड़े कई राज बाहर आने की संभावना है. उम्मीद जताई जा रही है कि देश में मौजूद अन्य जासूस भी जल्द गिरफ्तार हो सकते हैं. रफीक के जरिए एजेंसी अब उन जासूसों तक पहुंचने की कोशिश में हैं.
बैंक खातों की पड़ताल में जुटी एजेंसी
आरोपी ने कक्षा 5वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. जानकारी के मुताबिक, 3 नंबरों के जरिए ISI के संपर्क में था. इसमें एक पाकिस्तानी नंबर है तो अन्य 2 विदेशी नंबर हैं. अब तक की जांच में करीब 7-8 बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर होने की बात सामने आई है. अवैध लेन-देन की शिकायत पर कई खाते बंद भी हो चुके हैं. जब रफीक के खुद के खाते बंद हुए तो उसने अपने रिश्तेदार के नाम से बैंक अकाउंट खुलवा लिया. इससे पहले गिरफ्तार पाकिस्तानी जासूस सुमित और झबराराम के खाते में भी रफीक ने ही पैसे ट्रांसफर किए थे.
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