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ईरान में बवाल से घट गई रियाल की वेल्यू, जानें भारत के बासमती चावल निर्यात पर कैसे पड़ रहा असर

ईरान की करेंसी रियाल कमजोर होने की वजह से भारत के चावल एक्सपोर्टर चिंतित हैं. भारत से बासमती चावल के कई कंसाइमेंट ईरानी खरीदार स्वीकार नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वहां की करेंसी की कीमत काफी नीचे गिर गई है और ईरानी खरीददार आश्वस्त नहीं है कि वह भारत के महंगे बासमती चावल को ईरान में बेच सकेंगे".

ईरान में बवाल से घट गई रियाल की वेल्यू, जानें भारत के बासमती चावल निर्यात पर कैसे पड़ रहा असर
बिगड़ गई ईरान की अर्थव्यवस्था.
  • ईरान में राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिका के साथ तनाव की वजह से आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई है
  • अमेरिका ने ईरान पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाकर वहां के आर्थिक संकट को और बढ़ा दिया है
  • ईरानी मुद्रा रियाल का मूल्य पचास प्रतिशत तक गिर गया है, जिससे आम लोगों की खरीद क्षमता कम हो गई है
नई दिल्ली:

ईरान में जारी राजनीतिक अनिश्चितता और अंदरूनी विरोध की वजह से वहां की अर्थव्यवस्था बेहद कमज़ोर हो गयी है. इसके साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से आर्थिक हालात और खराब हो गए हैं. इस बीच अमेरिका ने ईरान पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाकर ईरान में आर्थिक संकट और बढ़ा दिया है. इसका सीधा असर ईरान के दुनिया के कई देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर पड़ रहा है.  

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रियाल की वैल्यू 50% तक घट गई

गुरुवार को देश में एक्सपोर्टरों के सबसे बड़े संगठन - फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट्स ओर्गनइजेशंस (FIEO) के डायरेक्टर जनरल डॉ. अजय सहाय ने कहा कि ईरान की करेंसी रियाल की वैल्यू 50% तक घट गई है. इसकी वजह से ईरान में आम लोगों का पर्चेजिंग पावर काफी घट गया है. ईरान में इस आर्थिक संकट का असर भारत से बासमती चावल के एक्सपोर्ट पर पड़ रहा है.

क्यों घटी ईरान की अर्थव्यवस्था?

FIEO डीजी डॉ. अजय सहाय ने एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा "ईरानी अर्थव्यवस्था को लेकर दो महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं. अमेरिका ने ईरान पर 25 फ़ीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है. पिछले कुछ दिनों में ईरान की करेंसी का 50% कम हुआ है, यानी उसकी वेल्यू घट गई है. ईरान की करेंसी रियाल कमजोर होने की वजह से भारत के चावल एक्सपोर्टर चिंतित हैं. भारत से बासमती चावल के कई कंसाइमेंट ईरानी खरीदार स्वीकार नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वहां की करेंसी की कीमत काफी नीचे गिर गई है और ईरानी खरीददार आश्वस्त नहीं है कि वह भारत के महंगे बासमती चावल को ईरान में बेच सकेंगे".

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भारत से ईरान में क्या होता है निर्यात?

भारत और ईरान के बीच दो अरब डॉलर से कम का व्यापार होता है. भारत से ईरान में होने वाले 85% एक्सपोर्ट फूड और फार्मा सेक्टर में होता है, जो प्रतिबंधित गुड्स की सूची में नहीं आते. अब देखना होगा कि अमेरिका ने जो 25 फ़ीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया है उसको लेकर ट्रंप प्रशासन क्या एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करता है. उसके बाद तस्वीर साफ होगी कि भारत से ईरान होने वाले एक्सपोर्ट पर अमेरिकी अतिरिक्त टैरिफ का कितना असर होगा.
 

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