- पन्ना के सरकोहा गांव के सात मजदूरों को खेत की खदान से 16.96 कैरेट का दुर्लभ जेम क्वालिटी हीरा मिला.
- मिली हीरे की अनुमानित कीमत पचास लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है, वास्तविक मूल्य नीलामी के बाद तय होगा.
- सात मजदूरों में हीरे की नीलामी से प्राप्त राशि बराबर बांटी जाएगी, रॉयल्टी काटने के बाद बाकी रकम दी जाएगी.
पन्ना की धरती को यूं ही हीरों की नगरी नहीं कहा जाता. यहां कब किसकी किस्मत चमक जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. इस बार भाग्य ने सरकोहा गांव के सात मजदूरों पर मेहरबानी की है. रोज की मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाने वाले इन लोगों को खेत की खदान से 16.96 कैरेट का बेशकीमती हीरा मिला. इस खोज ने न सिर्फ उनकी आर्थिक परेशानियों को कम करने की उम्मीद जगाई है, बल्कि उन सपनों को भी नया सहारा दिया है जो वर्षों से अधूरे थे. अब इन मजदूरों को भरोसा है कि उनके जीवन में भी खुशियों के दिन आने वाले हैं.
बारिश के बीच चमका किस्मत बदलने वाला हीरा
सरकोहा गांव में संचालित एक हीरा खदान में काम कर रहे सात मजदूरों की किस्मत उस समय बदल गई, जब खदान से 16.96 कैरेट का एक दुर्लभ जेम क्वालिटी हीरा मिला. बताया गया है कि बारिश के दौरान खदान की चाल का निरीक्षण करने पहुंचे पट्टा धारक अखिलेश पाल की नजर मिट्टी के बीच चमक रहे इस हीरे पर पड़ी. हीरा मिलने की खबर फैलते ही मजदूरों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही कीमत
जानकारों के अनुसार, मिले हुए हीरे की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है. हालांकि इसकी वास्तविक कीमत शासकीय नीलामी के बाद ही तय होगी. नियमों के मुताबिक, नीलामी से प्राप्त राशि में से रॉयल्टी काटने के बाद बची रकम मजदूरों और पार्टनरों के बीच बांटी जाएगी.

मजदूर के हाथ में बेशकीमती हीरा.
तीन साथियों के सिर जल्द सजेगा सेहरा
हीरा मिलने से सबसे ज्यादा खुशी उन तीन मजदूरों को हुई है, जिनकी शादी आर्थिक तंगी के कारण अब तक नहीं हो सकी थी. 30 से 38 वर्ष की उम्र के संतोष, शर्मन और अरुण लंबे समय से अपने घर बसाने का सपना देख रहे थे. अब उन्हें उम्मीद है कि हीरे से मिलने वाली राशि के बाद उनकी शादी की राह आसान हो जाएगी और जल्द ही उनके घरों में भी खुशियां आएंगी.
सातों मजदूरों में बराबर बांटी जाएगी राशि
मिली जानकारी के अनुसार, खदान में सात पार्टनर मिलकर काम कर रहे थे. इसलिए हीरे की नीलामी से मिलने वाली राशि सभी के बीच बराबर-बराबर बांटी जाएगी. मजदूरों का कहना है कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक मेहनत का परिणाम है.

करीब 17 कैरेट के इस हीरे ने अपनी चमक से लोगों का ध्यान खींचा.
अब कच्चे घर होंगे पक्के
हीरा मिलने के बाद मजदूरों ने अपने भविष्य की योजनाएं भी बना ली हैं. किसी का सपना पक्का घर बनाने का है तो कोई अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना चाहता है. वर्षों से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे परिवारों को अब बेहतर जीवन की उम्मीद दिखाई देने लगी है.
पन्ना ने एक बार फिर लिख दी नई किस्मत की कहानी
मिला हुआ हीरा शासकीय हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है. अब इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नीलामी कराई जाएगी. नीलामी से प्राप्त राशि में से निर्धारित रॉयल्टी काटकर शेष रकम सीधे संबंधित मजदूरों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. पन्ना में हीरा मिलने की ऐसी कहानियां पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं. इस बार भी एक चमकते पत्थर ने सात परिवारों की जिंदगी में नई उम्मीद जगा दी है.

हीरे की जांच करते अधिकारी.
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