तमिलनाडु में 5 दिन तक चली शंका-आशंका के बादल छंट गए हैं. विधानसभा चुनावों में अपने पहले ही दांव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर निकली तमिलगा वेत्री कझगम यानी टीवीके के नेता विजय रविवार सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. लेकिन यहां तक पहुंचने की विजय की राह आसान नहीं रही. छोटे दलों की मान-मनुहार तो करनी ही पड़ी, राज्यपाल के यहां भी आसन जमाकर बैठना पड़ा. आइए बताते हैं राज्यपाल से मुलाकात में क्या कुछ हुआ.
4 दिन में राज्यपास से चौथी मुलाकात
राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की पिछले 4 दिन में यह चौथी मुलाकात थी. पिछली 3 मुलाकातों में वह हर बार शपथ की तारीख तय करने की उम्मीद लेकर गए थे, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी समर्थन न होने के कारण लोक भवन से मायूस होकर लौटना पड़ा था. हालांकि शनिवार को माहौल अलग था. जब विजय राज्यपाल से मिलने पहुंचे तो उनके पास 120 विधायकों के समर्थन के पत्र थे.

VCK-IUML के पत्र बारीकी से परखे
विजय ने कांग्रेस के अलावा CPI, CPI(M), VCK और IUML के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंप दिए. सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल किसी जल्दबाजी में नहीं थे. उन्होंने धैर्य के साथ एक-एक कागज को खंगाला. दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने कांग्रेस और वाम दलों के समर्थन पत्रों को तो एक तरफ रख दिया, क्योंकि इन्हें वह पहले ही देख चुके थे. लेकिन उनकी नजरें VCK और IUML के पत्रों पर जाकर टिक गईं. उन्होंने इन्हें बारीकी से चेक किया.
एक घंटा इंतजार, मर्यादा की हिदायत
इधर राज्यपाल अपना काम कर रहे थे, उधर विजय खाली हाथ लौटने को तैयार नहीं थे. उन्होंने करीब एक घंटा इंतजार किया और अपॉइंटमेंट लेटर लेकर ही बाहर निकले. सूत्रों के मुताबिक, लोक भवन का माहौल सौहार्दपूर्ण था. राज्यपाल ने विजय से शपथ को लेकर उनकी प्राथमिकता पूछी. विजय के शपथ लेने से पहले साफ शब्दों में संवैधानिक मर्यादाओं और विधायी प्रक्रियाओं की अहमियत भी समझाई.
वड़ा, हलवा और कॉफी से स्वागत
सूत्र बताते हैं कि लोक भवन में मेहमानों का स्वागत वड़ा, हलवा और फिल्टर कॉफी से किया गया. गंभीर चर्चाओं के बीच औपचारिकताएं कुछ कम हुईं तो गठबंधन के कुछ नेताओं ने अपने मोबाइल निकाले और वीडियो कॉल के जरिए अपने बच्चों की बात होने वाले मुख्यमंत्री विजय से भी कराई.

बहुमत पाने में लग गए 5 दिन
याद दिला दें कि तमिलनाडु में 4 मई को आए चुनाव नतीजों में विजय सबको पीछे छोड़ते हुए 108 सीटों के आंकड़े तक तो पहुंच गए थे, लेकिन बहुमत से 10-12 कदम दूर रह गए. इन दूरियों को पाटने में उन्हें 5 दिन लग गए. 5 विधायकों वाली कांग्रेस पार्टी ने तो अगले ही दिन डीएमके से नाता तोड़कर विजय को सपोर्ट करने का ऐलान कर दिया था.
रविवार को सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण
इसके दो दिन बाद 2-2 सीटों वाली CPI और CPI(M) ने टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की. आखिर में शनिवार को VCK और IUML ने सरकार बनाने के लिए विजय को समर्थन के पत्र सौंपे. इन दोनों दलों के भी 2-2 विधायक हैं. अब विजय के पास 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 विधायकों का समर्थन हो गया है. वह रविवार को चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण करेंगे.
देखें- VCK और IUML के समर्थन के बाद विजय के TVK के पास कैसे पूरा हुआ बहुमत का आंकड़ा, जान लीजिए
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