ईरान में तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत सरकार ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी. हालांकि पहले खबर आई थी कि भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए रेस्क्यू मिशन चलाने का फैसला लिया है और शुक्रवार को तेहरान से भारतीयों को लेकर नई दिल्ली के लिए पहली इवैक्युएशन फ्लाइट रवाना होगी. हालांकि अब ये मिशन अगले आदेश तक टालने की खबर है.
भारत सरकार की तरफ से खबर लिखे जाने तक इस बारे में कोई औपचारिक सूचना जारी नहीं की गई थी. हालांकि जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने एक बयान जारी करके बताया था कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने ईरान में पढ़ रहे छात्रों का रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया है. छात्रों के पासपोर्ट और व्यक्तिगत विवरण जुटा लिए गए हैं. पहले बैच के छात्रों को शुक्रवार सुबह 8 बजे तक तैयार रहने का निर्देश दिया गया है.
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एसोसिएशन ने जारी किया नया बयान
हालांकि बाद में एसोसिएशन ने बयान जारी करके कहा कि भारतीय दूतावास द्वारा ईरान से छात्रों को निकालने की प्रक्रिया को अगले आदेश तक रोक दिया गया है. यह निर्णय पहले युद्ध संबंधी चिंताओं को देखते हुए एहतियाती तौर पर लिया गया था, लेकिन अब युद्ध जैसी स्थिति या तनाव बढ़ने की आशंका नहीं है. इसकी वजह से फिलहाल भारतीयों को निकालने की कोई जरूरत नहीं रह गई है. बयान में आगे कहा गया कि दूतावास के अधिकारी छात्रों के साथ सीधे संपर्क में हैं. अगर आगे कभी जरूरी हुआ तो वे खुद छात्रों से मुलाकात करेंगे और आधिकारिक तरीके से उन्हें सूचित करेंगे.
ईरान में 10 हजार से ज्यादा भारतीय
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ईरान में फिलहाल करीब 10 हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर लंबी बातचीत की थी. इस दौरान ईरान और उसके आसपास के सुरक्षा हालातों की समीक्षा की गई.
ट्रंप की धमकी के बाद हालात गंभीर
भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है क्योंकि वहां जमीनी हालात किसी भी वक्त बेहद नाजुक मोड़ ले सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चेतावनी दे रहे हैं कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों का हिंसक दमन जारी रखा तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है. जवाब में ईरान की खामेनेई सरकार ने भी युद्ध के लिए तैयार होने की बात कहते हुए अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार की धमकी दी है.
भारत से कई उड़ानों पर भी असर
ईरान द्वारा अपना एयरस्पेस बंद किए जाने के कारण भारत की कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बुरा असर पड़ा है. एयर इंडिया और इंडिगो को गुरुवार को अपनी कई विदेशी उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. एयर इंडिया की अमेरिका और यूरोप जाने वाली उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जबकि इंडिगो की तुर्की, अज़रबैजान और जॉर्जिया जैसी सेवाओं पर असर पड़ा है. एयर इंडिया ने दिल्ली से न्यूयॉर्क और मुंबई से न्यूयॉर्क सहित कम से कम तीन प्रमुख उड़ानें रद्द कर दी हैं.
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