भारत ने यूएनएचआरसी में रखा अपना पक्ष
नई दिल्ली:
- बैश्लेट ने कश्मीर में प्रतिबंधों के असर को लेकर सोमवार को गंभीर चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि मूलभूत सुविधाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भारत को मौजूदा प्रतिबंधों में ढील देनी चाहिए.
- संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार आयुक्त ने भारत और पाकिस्तान दोनों से कहा था कि वे सुनिश्चित करें कि कश्मीरी लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान और संरक्षण हो.
- जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाकर पाकिस्तान ने इस मुद्दे को यूएनएचआरसी के बैठक में उठाया है.
- भारत की तरफ से विजय ठाकुर सिंह ने कहा - ये निर्णय हमारी संसद ने व्यापक चर्चा के बाद किए, जिसका टेलीविजन पर प्रसारण हुआ और इसे व्यापक समर्थन मिला.
- हम दोहराना चाहते हैं कि संसद द्वारा पारित अन्य कानूनों की तरह यह एक संप्रभु निर्णय है, जो पूरी तरह भारत का आंतरिक मामला है. कोई भी देश अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप स्वीकार नहीं कर सकता है और भारत तो बिल्कुल भी नहीं.
- उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थतियों के बावजूद जम्मू कश्मीर में प्रशासन आधारभूत सेवाएं, आवश्यक आपूर्ति, संस्थानों का सुगम कार्य परिचालन, आवागमन और लगभग पूर्ण कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर रहा है.
- सिंह ने कहा कि सीमा पार से आतंकवाद के खतरे के मद्देनजर हमारे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी नियंत्रात्मक और एहतियाती कदम आवश्यक हैं.
- सिंह ने पाक की तरफ इशारा करते हुए कहा - एक प्रतिनिधिमंडल मेरे देश के खिलाफ आक्रामक रूप से झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर लगातार बोलता रहा है.
- उन्होंने कहा कि विश्व जानता है कि यह मनगढ़ंत विमर्श वैश्विक आतंकवाद के केंद्र से आता है जहां वर्षों से सरगनाओं को आश्रय दिया जा रहा है.
- उन्होंने कहा कि आज जीवन के अधिकार की रक्षा और दुनियाभर के लोगों की सुरक्षा की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता को आतंकवाद एक गंभीर चुनौती दे रहा है.
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India In Unhrc, UNHRC, Jammu And Kashmir