- बीजेपी महासचिव राम माधव ने कहा कि भारत को नेपाल और बांग्लादेश के प्रति 'बड़े भाई' की भूमिका निभानी चाहिए
- उन्होंने नेपाल को एक संप्रभु और बराबरी वाला देश मानते हुए उसकी नई युवा नेतृत्व की सराहना की
- राम माधव ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ सांस्कृतिक रिश्तों के साथ-साथ जियोपॉलिटिकल नजरिए से संबंध बनाने चाहिए
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, लेखक और इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राम माधव ने नेपाल में आंदोलन और वर्तमान हालात पर कहा कि भारत को कभी भी 'बड़े भाई' की भूमिका निभाने के बारे में सोचना नहीं चाहिए, अगर जरूरत हो, तो 'बड़े भाई' (अभिभावक या मार्गदर्शक) की भूमिका निभानी चाहिए.
राम माधव ने कहा कि मैंने जो बात बांग्लादेश के संदर्भ में कही थी, वही नेपाल पर भी लागू होती है. हमें सिर्फ़ अपने पुराने धार्मिक और सांस्कृतिक रिश्तों की यादों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए. वे महत्वपूर्ण हैं. हमारी साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत मूल्यों की वजह से वे हमारे रिश्तों को सहज बनाते हैं. लेकिन याद रखें, वे संप्रभु देश हैं, चाहे वह बांग्लादेश हो या नेपाल. संप्रभु समानता एक ऐसा सिद्धांत है जिसका हमें पालन करना चाहिए.
India should never think on the lines of playing the role of a big brother, if necessary play the role of an elder brother: Dr Ram Madhav, Politician, Author & President, India Foundation#NDTVIgnite | @VishnuNDTV @rammadhav_ pic.twitter.com/Yl5hs8SBGO
— NDTV (@ndtv) June 12, 2026
उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि देश छोटा है या बड़ा, या वह किसी पर निर्भर है या स्वतंत्र, संप्रभु समानता के सिद्धांत के साथ हम अपने पड़ोस के देशों के साथ जुड़ते हैं, जिसमें नेपाल भी शामिल है. आज नेपाल में एक नया नेतृत्व आया है, युवाओं पर आधारित नेतृत्व. नया नेतृत्व, जो एक नया नेपाल बनाने के लिए सचमुच बहुत महत्वाकांक्षी है. भारत को खुशी-खुशी इसका स्वागत करना चाहिए. फ़ैसला उस देश की जनता का है. इसलिए हमें उस फ़ैसले का सम्मान करना चाहिए.

हम नेपाल को बहुत अहमियत देते हैं- राम माधव
बीजेपी महासचिव ने कहा कि नेपाल की सत्ताधारी पार्टी के अध्यक्ष भारत आए थे. हमने उनके साथ पूरा शिष्टाचार निभाया. हमने यहां उनका अच्छा स्वागत-सत्कार किया. उनके विदेश मंत्री भी आए. उन्हें यहां ज़रूरी प्रोटोकॉल और सम्मान मिला. हम अपने पड़ोसियों के साथ इसी तरह पेश आते हैं और नेपाल एक अहम पड़ोसी है. हमारा हिमालयी पड़ोसी. यह हमारे और चीन के बीच एक तरह का 'बफ़र स्टेट' है. इसलिए हम उस देश को बहुत अहमियत देते हैं.
देशों के साथ आज के जियोपॉलिटिकल नज़रिए से रिश्ते बनाएं- बीजेपी महासचिव
उन्होंने कहा कि मैं कहूंगा कि उसे एक आज़ाद और बराबरी वाले देश के तौर पर देखें, पुरानी यादों से बाहर निकलें और आज के जियोपॉलिटिकल नज़रिए से उनसे रिश्ते बनाएं. 'बड़े भाई' वाली सोच नहीं - न बांग्लादेश के लिए और न ही नेपाल के लिए. वे हमेशा यही कहते हैं कि भारत हमारे साथ 'बड़े भाई' जैसा बर्ताव करता है, उन्हें यह पसंद नहीं है. मैं कहूंगा कि हमने कभी 'बड़े भाई' जैसा बर्ताव नहीं किया है. भारत को कभी 'बड़े भाई' की भूमिका निभाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, अगर ज़रूरत हो तो 'बड़े भाई' (Elder Brother) की भूमिका निभाए, न कि 'बड़े भाई' (Big Brother - दबदबा जमाने वाले) की.
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